झारखण्ड को केंद्र की सौगात, जल्द बनेगा एम्स अस्पताल

केंद्र सरकार ने झारखण्ड को एक बड़ी सौगात देने की घोषणा की है, केंद्रीय मंत्रिमंडल में तय हुई बातचीत के अनुसार झारखंड के देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बनने वाला है. मंत्रिमंडल ने बताया है कि इस पर 1103 करोड़ रुपये लागत आएगी. बताया जा रहा है कि यह अस्पताल अगले 45 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना पर मंजूरी दी है.केंद्र सरकार ने झारखण्ड को एक बड़ी सौगात देने की घोषणा की है, केंद्रीय मंत्रिमंडल में तय हुई बातचीत के अनुसार झारखंड के देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बनने वाला है. मंत्रिमंडल ने बताया है कि इस पर 1103 करोड़ रुपये लागत आएगी. बताया जा रहा है कि यह अस्पताल अगले 45 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना पर मंजूरी दी है.  इसे प्रधानमंत्री प्रधान सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत स्थापित किया जाएगा, देवघर में प्रस्तावित एम्स की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 मई को रखेंगे, देवघर के देवीपुर में एम्स के निर्माण के लिए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बुधवार को झारखंड सरकार की ओर से विनय कुमार उपसचिव, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, भारत सरकार (एम्स) को 236 एकड़ भूमि का विधिवत हस्तांतरण भी कर दिया गया है.   इससे पहले जब झारखण्ड में एम्स बनाने को लेकर विचार किया गया था, तब रांची, धनबाद, जमशेदपुर, दुमका और देवघर को इसके लिए चिन्हित किया गया था, केवल देवघर में ही पहले से ढाई सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर औद्योगिक प्रांगण के लिए रखा गया था, जैसे ही केंद्र सरकार ने जमीन की मांग की तो मुख्यमंत्री ने तुरंत देवीपुर स्थित अधिग्रहित जमीन को लेकर सहमति दे दी, इसके बाद यहां एम्स बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया.

इसे प्रधानमंत्री प्रधान सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत स्थापित किया जाएगा, देवघर में प्रस्तावित एम्स की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 मई को रखेंगे, देवघर के देवीपुर में एम्स के निर्माण के लिए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बुधवार को झारखंड सरकार की ओर से विनय कुमार उपसचिव, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, भारत सरकार (एम्स) को 236 एकड़ भूमि का विधिवत हस्तांतरण भी कर दिया गया है. 

इससे पहले जब झारखण्ड में एम्स बनाने को लेकर विचार किया गया था, तब रांची, धनबाद, जमशेदपुर, दुमका और देवघर को इसके लिए चिन्हित किया गया था, केवल देवघर में ही पहले से ढाई सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर औद्योगिक प्रांगण के लिए रखा गया था, जैसे ही केंद्र सरकार ने जमीन की मांग की तो मुख्यमंत्री ने तुरंत देवीपुर स्थित अधिग्रहित जमीन को लेकर सहमति दे दी, इसके बाद यहां एम्स बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया. 

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