झूठे आंकड़े पेश करने में पीएम को महारत- अखिलेश यादव

पीएम मोदी के लखनऊ दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनपर तंज कसा है. अखिलेश ने कहा है कि लखनऊ में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने जनता को गुमराह करने की अपनी कला का अच्छा प्रदर्शन किया है. बीजेपी का यही चरित्र और आचरण है कि उसे करना कुछ नहीं है, लेकिन श्रेय जो नहीं किया है उसका भी जरूर लेना है. विकास के नाम पर झूठे आंकड़े पेश करने में उनको महारत है.’पीएम मोदी के लखनऊ दौरे को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनपर तंज कसा है. अखिलेश ने कहा है कि लखनऊ में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने जनता को गुमराह करने की अपनी कला का अच्छा प्रदर्शन किया है. बीजेपी का यही चरित्र और आचरण है कि उसे करना कुछ नहीं है, लेकिन श्रेय जो नहीं किया है उसका भी जरूर लेना है. विकास के नाम पर झूठे आंकड़े पेश करने में उनको महारत है.'  2019 चुनाव : महागठबंधन नहीं जनता की एक जरूरत बनेगी सरकार के लिए चुनौती    अखिलेश ने पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कैसी विडंबना है कि बिना कुछ किए मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री की प्रशंसा की जाती है और प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को बधाई दी जाती है. जनता हतप्रभ है कि उनके हित में कुछ नहीं किया, तब भी एक दूसरे की तारीफ की जा सकती है.'  EDITOR DESK : महागठबंधन को गठबंधन की दरकार    अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम सिर्फ जुबानी वादे करते हैं, उनका कोई धरातल नहीं होता. लेकिन अब जनता भी जान चुकी है कि जुबानी जमा खर्च से विकास नहीं होता. उन्होंने कहा कि 22 साल सत्ता में रहने के बावजूद गुजरात में न तो एक्सप्रेस-वे जैसी एक सड़क बना पाए, न समाजवादी सरकार की तरह 18 लाख लैपटॉप बांट पाए और ना ही किसानों को फसल बीमा की सुविधा दे सके. मेट्रो रेल की व्यवस्था तो दूर की बात है.

अखिलेश ने पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कैसी विडंबना है कि बिना कुछ किए मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री की प्रशंसा की जाती है और प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को बधाई दी जाती है. जनता हतप्रभ है कि उनके हित में कुछ नहीं किया, तब भी एक दूसरे की तारीफ की जा सकती है.’

अखिलेश यादव ने कहा कि पीएम सिर्फ जुबानी वादे करते हैं, उनका कोई धरातल नहीं होता. लेकिन अब जनता भी जान चुकी है कि जुबानी जमा खर्च से विकास नहीं होता. उन्होंने कहा कि 22 साल सत्ता में रहने के बावजूद गुजरात में न तो एक्सप्रेस-वे जैसी एक सड़क बना पाए, न समाजवादी सरकार की तरह 18 लाख लैपटॉप बांट पाए और ना ही किसानों को फसल बीमा की सुविधा दे सके. मेट्रो रेल की व्यवस्था तो दूर की बात है.

You May Also Like

English News