झोपड़ी में लगी आग, चार लोग जिंदा जले मरने वालों में सभी एक ही परिवार के 

लखनऊ , 10 दिसम्बर तालकटोरा के राजाजीपुरम सेक्टर 13 सी ब्लाक स्थितअलीतरंग मैरिज हाल के पास शुक्रवार की देर रात अचानक झुग्गी झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग से पांच झोपड़ी जलकर खाक हो गई। आग की चपेट में आने से एक महिला व उसके तीन बच्चों की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गयी। दो घण्टे बाद दमकल की गाडियां मौके पर पहुंचीं और किसी तरह आग पर काबू पाया। अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है है कि आग किन कारणों के चलते लगी थी। 
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राजाजीपुरम सेक्टर 13 सी ब्लाक के पास अलीतरंग मैरिज हाल है। मैरिज हाल के पास से कुछ मजदूरों ने अपनी झोपडिय़ां बना रखी हैं। बताया जाता है कि शुक्रवार की रात  करीब ढाई बजे अचानक वहां आग लग गई। धुआं उठता देख पड़ोसी कुछ समझ पाते कि आग ने विकराल रूप ले लिया। जुग्गी झोपड़ी में पालीथीन होनें के कारण आग फैलती चली गई। झोपड़ी में रहने वाले लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। अचानक वहां पर भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गये। वहीं प्रेमसागर नाम के एक मजदूर की झोपड़ी में लगी आग में उसका परिवार फंस गया।
आग की चपेट में आने से प्रेमसागर की पत्नी 45 वर्षीय रत्नादेवी, 8 साल के बेटे सुधीर, 13 साल की बबली व 9 साल की प्रियंक की झुलसने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। आग की चपेट में आने से पांच झोपडिय़ां जलकर राख हो गयी। घटना की सूचना मिलते के बाद तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं आलमबाग फायर स्टेशन से दमकल की तीन गाडिय़ां दो घंटे के बाद मौके पर पहुंच सकी। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया और दो घंटे के बाद किसी तरह आग पर काबू पा लिया गया। आग बुझने के बाद पुलिस ने रत्नादेवी और उसके तीन बच्चों के शव को झोपड़ी से बाहर निकाला और छानबीन के बाद उसको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि झोपडिय़ों में आग कैसे लगी थी। 
अग्निकाण्ड यह लोग हुए शिकार झोपडिय़ों में लगी आग की वजह से बहराइच निवासी रफीक अहमद, सुलतानपुर निवासी बाबू, हरदोई निवासी सलीम, बिहार निवासी सुनील गुप्ता का सारा सामान जलकर राख हो गया। जिंदगी भर की कमाई पल भर में हुई राख राजाजीपुरम के सेक्टर 13 अलीतरंग मैरिज हाल के पास सड़क किनारे जुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने वाले पांच परिवारों का सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। बाराबंकी फतेहगढ़ ढ़कवा निवासी प्रेमसागर ईंट की गिट्टी तोड़कर व कैंटरिंग का काम करके अपने परिवार को पाल रहा था। आग की इस घटना ने उसके पूरे परिवार को मौत की आगोश में ले लिया। प्रेमसागर की पत्नी व बच्चे आग में जिंदा जल गये। वहीं बाकी अन्य सभी लोगों की जिंदगी भर की कमाई मिनटों में आग की लपटों में राख बना दी। 
ठंडे में ठीठुरते रहे लोग प्रशासन ने नहीं ली कोई सुध राजाजीपुरम के सेक्टर-13 अलीतरंग मैरिज हाल के पास हुए दर्दनाक अग्निकांण्ड में पांच परिवारों में अपना सब कुछ खो दिया। वह लोग आग बुझने के बाद पूरी रात ठंडे में ठीठुरते रहे। सुबह होने पर भी प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली। उनके पास न तो खाने के लिए कुछ बचा था और न ही ठंडे से अपने आप को बचाने के लिए। उन लोगों ने किसी तरह अपने ही जले हुए आशियाने की आग से हाथ ताप कर ठंडे को भगाया।  
इलाके में और भी कई झोपड़ पट्टिïयों पर मंडरा रहा है खतरा राजाजीपुरम के सेक्टर 13 और सेक्टर 12 रूकुन्दीपुर हनुमान मंदिर के सामनें 132 केवीए हाईटेंशन लाईन के नीचे खाली पड़ी जमीन पर लगभग एक दशक से जुग्गी झोपड़ी बसी हुई है। इस झोपड़- पट्टïी में 200 से 300 लोग रह रहे हैं। यह सभी लोग कबाड़ बीनने का काम करत हैं। लोग बताते हैं कि इन लोगों को ठेकेदारों ने बसाया है। झोपड़-पट्टïी के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की वजह से हमेश इन झोपड़-पट्टïी पर खतरा मंडरता रहता है। इलाके के लोगों का कहना है कि तार से निकली एक भी चिंगारी इस पूरी झोपड़ पट्टïी को मिनटों में नष्टï कर सकती है। 

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