‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ समाज की पूरी सच्चाई को इस तरह दर्शाता है…

अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ का ट्रेलर आ चुका है जिसको काफी पसंद किया जा रहा है। इस ट्रेलर के जरिए हमारे समाज की सोच और महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार की झलक बहुत खूबसूरती से पेश की गई है। घर में शौचालय न बनाने के लिए जो कारण दिया जाता है वह भी बड़ा रोचक है।‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ समाज की पूरी सच्चाई को इस तरह दर्शाता है...इन दोनों ने बंद कमरे में किया ऐसा गंदा काम, की पूरे होटल को ही करना पड़ा सील…देखें विडियो

जब अनुपम खेर पूछते हैं कि घर में शौचालय बनाने में आपत्ति क्या है तो उन्हें जवाब मिलता है, ‘जिस आंगन में तुलसी लगाते हैं वहां शौच करना शुरू कर दें? अंत में, ट्रेलर एक दुखद डायलॉग पर खत्म होता है जहां अक्षय कहते हैं, ‘आशिकों ने आशिकी के लिए ताजमहल बनवा दिया, हम एक संडास नहीं बना सके।’

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तो क्या वाकई अक्षय इस फिल्म में संडास बनाने में नाकामयाब होंगे? यह राज़ तो फिल्म में ही खुलेगा। फिल्म के महत्वपूर्ण हिस्से की झलक इनकी शादी के बाद के सीन से मिलती है जब सुबह घर की महिलाएं भूमि से कहती हैं, ‘चलो! सवा चार हो गए। सब इंतज़ार कर रहे हैं लोटा पार्टी में तुम्हारे वेलकम का…’

आगे अक्षय का एक डायलॉग इस फिल्म को प्रेम कहानी से फिर टॉइलट पर लेकर आता है। अक्षय कहते हैं, ‘उन्होंने तो मेरी किस्मत गुसलखाने में बैठकर लिखी है, और ऊपर से फ्लश और कर दिया’। एक पुरुष जो अपनी पत्नी के समर्थन में खड़ा होना चाहता है, उसके सारे प्रयास किस प्रकार ‘गुसलखाने’ में बह जाते हैं, यह डॉयलॉग उसकी बानगी है। ट्रेलर में अक्षय भरी पंचायत में कहते दिखते हैं, ‘बीवी लौटे न लौटे, संडास तो मैं बनवाकर छोड़ूंगा’।

घर में शौचालय न बनाने के लिए जो कारण दिया जाता है वह भी बड़ा रोचक है। जब अनुपम खेर पूछते हैं कि घर में शौचालय बनाने में आपत्ति क्या है तो उन्हें जवाब मिलता है, ‘जिस आंगन में तुलसी लगाते हैं वहां शौच करना शुरू कर दें? अंत में, ट्रेलर एक दुखद डायलॉग पर खत्म होता है जहां अक्षय कहते हैं, ‘आशिकों ने आशिकी के लिए ताजमहल बनवा दिया, हम एक संडास नहीं बना सके।’ तो क्या वाकई अक्षय इस फिल्म में संडास बनाने में नाकामयाब होंगे? यह राज़ तो फिल्म में ही खुलेगा।

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