ट्रंप ने पहली बार दी इफ्तार की दावत, मुस्लिम समुदाय से मांगा सहयोग

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार शाम को व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार की दावत दी. इस दौरान ट्रंप ने मुस्लिम देशों के राजनयिकों और अधिकारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा ,‘एक साथ काम करके ही हम सभी के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य हासिल कर सकते हैं. ट्रंप ने बतौर राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा का जिक्र भी किया . उन्होंने कहा, मेरी पहली विदेश यात्रा मुस्लिम देश की थी. यहां मैंने मुस्लिम बहुल देशों के 50 से अधिक नेताओं की सभा को संबोधित किया. यह मेरे लिए गर्व की बात है.’अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार शाम को व्हाइट हाउस में पहली बार इफ्तार की दावत दी. इस दौरान ट्रंप ने मुस्लिम देशों के राजनयिकों और अधिकारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा ,‘एक साथ काम करके ही हम सभी के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य हासिल कर सकते हैं. ट्रंप ने बतौर राष्ट्रपति अपनी पहली विदेश यात्रा का जिक्र भी किया . उन्होंने कहा, मेरी पहली विदेश यात्रा मुस्लिम देश की थी. यहां मैंने मुस्लिम बहुल देशों के 50 से अधिक नेताओं की सभा को संबोधित किया. यह मेरे लिए गर्व की बात है.’  ट्रंप की मेज पर बैठे सऊदी अरब के शहजादे  इस दावत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मेज पर सऊदी अरब के शहजादे खालिद बिन सलमान और जॉर्डन के दूत दीना कवार भी मौजूद थे. गौरतलब है कि साल 1990 में बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान इफ्तार पार्टी की शुरूआत हुई थी. लेकिन पिछले साल राष्ट्रपति पद संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इफ्तार की दावत देने से मना कर दिया था. यही वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम से लोग हैरान हैं.    इफ्तार पार्टी में ये लोग हुए शामिल  इफ्तार पार्टी के लिए संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, ट्यूनीशिया , कतर , बहरीन , मोरक्को , अल्जीरिया , लीबिया , कुवैत , जाम्बिया , इथियोपिया, इराक और बोस्निया समेत कई मुस्लिम देशों के दूतों को आमंत्रित किया गया था.इसके अलावा अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस और वित्त मंत्री स्टीवन मुचिन समेत ट्रंप की कैबिनेट के कई सदस्य भी इफ्तार पार्टी में शामिल हुए.  इस बीच, ट्रंप सरकार के कथित मुस्लिम विरोधी रुख के खिलाफ कुछ मुस्लिम समूहों ने प्रदर्शन किया और विरोध में व्हाइट हाउस के बाहर इफ्तार पार्टी का आयोजन भी किया.

ट्रंप की मेज पर बैठे सऊदी अरब के शहजादे

इस दावत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मेज पर सऊदी अरब के शहजादे खालिद बिन सलमान और जॉर्डन के दूत दीना कवार भी मौजूद थे. गौरतलब है कि साल 1990 में बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान इफ्तार पार्टी की शुरूआत हुई थी. लेकिन पिछले साल राष्ट्रपति पद संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इफ्तार की दावत देने से मना कर दिया था. यही वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम से लोग हैरान हैं.  

इफ्तार पार्टी में ये लोग हुए शामिल

इफ्तार पार्टी के लिए संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, ट्यूनीशिया , कतर , बहरीन , मोरक्को , अल्जीरिया , लीबिया , कुवैत , जाम्बिया , इथियोपिया, इराक और बोस्निया समेत कई मुस्लिम देशों के दूतों को आमंत्रित किया गया था.इसके अलावा अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस और वित्त मंत्री स्टीवन मुचिन समेत ट्रंप की कैबिनेट के कई सदस्य भी इफ्तार पार्टी में शामिल हुए.  इस बीच, ट्रंप सरकार के कथित मुस्लिम विरोधी रुख के खिलाफ कुछ मुस्लिम समूहों ने प्रदर्शन किया और विरोध में व्हाइट हाउस के बाहर इफ्तार पार्टी का आयोजन भी किया. 

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