ट्विटर पर जिस शब्द की आड़ में स्वरा ने की डिबेट, पब्लिकली उसी से परहेज

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन को लेकर फिल्म इंडस्ट्री दो खेमों में बंट गया है. दरअसल, हाल ही में स्वरा भास्कर ने भंसाली के नाम एक ओपन लेटर लिखकर फिल्म के जरिए महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था, महिलाएं सिर्फ वजाइना नहीं हैं.ट्विटर पर जिस शब्द की आड़ में स्वरा ने की डिबेट, पब्लिकली उसी से परहेज

पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड के सेलेब इस पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. स्वरा भी ट्विटर प्रतिक्रियाओं का जवाब तो दे ही रही हैं सवाल भी पूछ रही हैं. लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने बार-बार उस शब्द नाम लेने से परहेज किया, जिस ट्विटर पर लिखाकर वो फेमिनिज्म पर बहस कर रही हैं.

सम्मानजनक तरीके से रखी बात 

स्पॉटबॉय से की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ स्वरा ने कहा, मुझे लगता है कि सबको अपनी प्रतिक्रिया देने का हक है. मैंने अपनी बात को बहुत सम्मानजनक तरीके से रखा. मेरे मन में कोई बुरी मंशा नहीं थी. मैंने जो सवाल पूछे वो बहुत जायज थे. अगर लोग मुझसे सहमत नहीं हैं तो वो भी ठीक है. ये एक लोकतंत्र है फ‍िलहाल अबतक.

शब्द को दोहराने पर झिझक पड़ीं स्वरा

जब स्वरा से पूछा गया, आपको लगा था कि इस पर इतना बवाल होगा तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था. मुझे नहीं पता था जो लोग फिल्मों से कनेक्टेड नहीं हैं वो भी अपनी राय देने और मेरी बात पर अपनी नाराजगी जाहिर करेंगे. जब उनसे ओपन लेटर में प्रयोग की गई भाषा और शब्द पर सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया, मुझे नहीं पता था कि जो शब्द मैंने लेटर में लिखा, वो अंग्रेजी में ‘V’ से और हिंदी में  ‘य’ से शुरू होता है. उस पर इतना लोगों को बुरा लग जाएगा.

ओपन लेटर में बोल्ड शब्दों का प्रयोग करने वाली स्वरा को इवेंट में उन्हीं शब्दों को बोलने में काफी झिझक महसूस हुई. उन्होंने यहाँ तक कहा, ‘मैं यहां उस शब्द का नाम नहीं ले सकती क्योंकि कई फैमिली चैनल भी यहां इवेंट में मौजूद हैं.’ 

पद्मावती के साथ हूं हमेशा

स्वरा ने सफाई देने के लहजे में कहा, शुरू से संजय सर का सपोर्ट किया है. मैंने करणी सेना के खिलाफ लगातार बयान दिए हैं. मैंने पद्मावती के हक पर हमेशा बात की. लेकिन एक बार फिल्म हो जाती है तो वो पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अा जाती है. फिर जब पद्मावत ने इतनी बड़ी बातें समाज के सामने रखीं हैं तो मुझे लगा मेरी बातें भी देश के सामने आनी चाहिए.

मुझे बोलने के पैसे नहीं दिए किसी ने

स्वरा से पूछा गया कि क्या उन्होंने जो बोला वो पेड था? नाराज स्वरा ने कहा, ‘आप लोगों ने तो कभी मुझे पैसे नहीं दिए. अगली बार मीडिया भी मुझसे सवाल पूछे तो अच्छा होगा आप पहले पैसे दें.’ स्वरा ने उन लोगों पर सवाल उठा दिए जो लोग इसे पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक लड़की जो कलाकार है जब भी सवाल उठाती है तो उसे यही कहा जाता है. कि उसने सच बोलने के पैसे लिए हैं. उसका कोई चरित्र नहीं है. उसे जलन होती है किसी की सफलता से.

मैंने जो भी सवाल किए वो जायज थे. मुझे नहीं पता था भारत की जनता इतना पढ़ती है. ये जानकर अच्छा लगा कि लोगों ने मेरी चिट्ठी पढ़ी और उनका इंटरेस्ट जाग गया.  

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