ट्वीट पर सियासत, कमलनाथ बोले- शिवराज ने माना, गांवों में सड़कें नहीं

मप्र में विधानसभा चुनाव नजदीक आने से भाजपा-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के बयानों का वार-पलटवार चल रहा है। रविवार को सुदूर जंगल में सड़क नहीं होने के बावजूद टीकाकरण करने के मुख्यमंत्री के ट्वीट पर खूब सियासत हुई। जैसे ही मुख्यमंत्री के टि्वटर हैंडल से यह ट्वीट हुआ, उसके कुछ ही देर बाद पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा।मप्र में विधानसभा चुनाव नजदीक आने से भाजपा-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के बयानों का वार-पलटवार चल रहा है। रविवार को सुदूर जंगल में सड़क नहीं होने के बावजूद टीकाकरण करने के मुख्यमंत्री के ट्वीट पर खूब सियासत हुई। जैसे ही मुख्यमंत्री के टि्वटर हैंडल से यह ट्वीट हुआ, उसके कुछ ही देर बाद पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा।  कमलनाथ ने कहा कि सीएम ऐसा डमरू बजाते हैं कि सड़कें अमेरिका से अच्छी हो जाती हैं और अब मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि सड़क नहीं होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम को पैदल और नाव से जाना पड़ा। आईटी सेल के अध्यक्ष शिवराज सिंह डाबी ने कहा कि कमलनाथ मप्र की भौगोलिक स्थिति के बारे में नहीं जानते। उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों के दौरे करने चाहिए।  सीएम का ट्वीट: छतरपुर के 3 दूरस्थ गांव तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा टीकाकरण करने के साथ मप्र ने मिशन इंद्रधनुष में 100 % सफलता प्राप्त कर ली है। सड़कें न होने से टीम 10 किमी पैदल, नाव से जंगल व अन्य बाधाओं को पार कर पहुंची।   आम आदमी पार्टी ने भी मध्यप्रदेश में ठोकी ताल, आतिशी मार्लेना में कही ये बातें यह भी पढ़ें  कमलनाथ का पलटवार: प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छी बताने वाले शिवराज खुद स्वीकार रहे हैं कि छतरपुर के गांवों में गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को सड़क नहीं होने से 10 किमी तक पैदल, नाव से व अन्य बाधाओं को पार कर जाना पड़ा।   सावन के दूसरे सोमवार पर महाकाल ने चंद्रमौलेश्वर रूप में दिए दर्शन यह भी पढ़ें  खाली खजाने से रोज करते हैं घोषणा: कमलनाथ ने बयान दिया कि मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा में कह रहे हैं, उन्होंने ऐसा डमरू बजाया कि आज प्रदेश ऐसा हो गया, वैसा हो गया। जबकि प्रदेश की जैसी तस्वीर वे बता रहे हैं, वैसी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 13 साल में ऐसा डमरू बजाया कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, व्यापमं में घूस लेने वाला बाहर और देने वाला जेल में है। प्रदेश का खजाना तो उन्होंने खजाना कर दिया खाली, पर खाली खजाने से रोज करते हैं करोड़ों की घोषणाएं।  भाजपा की सफाई: जपा के प्रोफेशनल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास बोंदरिया ने कहा कि टीकाकरण जहां हुआ, वह पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंदर के गांव हैं। जो विस्थापित होने वाले हैं, इसलिए वहां सड़क नहीं बना सकते। बाकी गाव में बिजली, पानी और सड़क है।

कमलनाथ ने कहा कि सीएम ऐसा डमरू बजाते हैं कि सड़कें अमेरिका से अच्छी हो जाती हैं और अब मुख्यमंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि सड़क नहीं होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम को पैदल और नाव से जाना पड़ा। आईटी सेल के अध्यक्ष शिवराज सिंह डाबी ने कहा कि कमलनाथ मप्र की भौगोलिक स्थिति के बारे में नहीं जानते। उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों के दौरे करने चाहिए।

सीएम का ट्वीट: छतरपुर के 3 दूरस्थ गांव तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा टीकाकरण करने के साथ मप्र ने मिशन इंद्रधनुष में 100 % सफलता प्राप्त कर ली है। सड़कें न होने से टीम 10 किमी पैदल, नाव से जंगल व अन्य बाधाओं को पार कर पहुंची।

कमलनाथ का पलटवार: प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छी बताने वाले शिवराज खुद स्वीकार रहे हैं कि छतरपुर के गांवों में गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को सड़क नहीं होने से 10 किमी तक पैदल, नाव से व अन्य बाधाओं को पार कर जाना पड़ा।

खाली खजाने से रोज करते हैं घोषणा: कमलनाथ ने बयान दिया कि मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा में कह रहे हैं, उन्होंने ऐसा डमरू बजाया कि आज प्रदेश ऐसा हो गया, वैसा हो गया। जबकि प्रदेश की जैसी तस्वीर वे बता रहे हैं, वैसी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 13 साल में ऐसा डमरू बजाया कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, व्यापमं में घूस लेने वाला बाहर और देने वाला जेल में है। प्रदेश का खजाना तो उन्होंने खजाना कर दिया खाली, पर खाली खजाने से रोज करते हैं करोड़ों की घोषणाएं।

भाजपा की सफाई: जपा के प्रोफेशनल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास बोंदरिया ने कहा कि टीकाकरण जहां हुआ, वह पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंदर के गांव हैं। जो विस्थापित होने वाले हैं, इसलिए वहां सड़क नहीं बना सकते। बाकी गाव में बिजली, पानी और सड़क है।

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