डाटा लीक पर अमेरिकी सीनेट में जकरबर्ग ने मांगी माफी, कहा- भारत में बरतेंगे सावधानी

 डाटा लीक मामले में मंगलवार को फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग अमेरिकी सीनेट समिति के सामने गवाही के लिए पेश हुए। इस दौरान उन्होंने अपना लिखित बयान पढ़ते हुए कहा, “फेसबुक डाटा का दुरुपयोग मेरी गलती थी और उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं।”वाशिंगटन। डाटा लीक मामले में मंगलवार को फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग अमेरिकी सीनेट समिति के सामने गवाही के लिए पेश हुए। इस दौरान उन्होंने अपना लिखित बयान पढ़ते हुए कहा, "फेसबुक डाटा का दुरुपयोग मेरी गलती थी और उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं।"  उन्होंने भारत में अगले साल होने वाले आम चुनावों के दौरान लोगों का भरोसा बहाल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, भारत में आगामी चुनाव के दौरान पूरी ईमानदारी बरती जाएगी।  बता दें कि सीनेट अमेरिकी कांग्रेस की उपरी प्रतिनिधि सभा है। भारतीय लोकतंत्र में सिनेट की तुलना राज्यसभा से की जाती है।  कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा रहस्योद्घाटन के बाद जकरबर्ग अमेरिकी संसद में गवाही के लिए तैयार हो गए थे। कैंब्रिज एनालिटिका का कहना था कि वह डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़ी हुई थी और उसने चुनाव प्रभावित करने के लिए 8.7 करोड़ लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां हासिल की थीं।  सीनेट की वाणिज्य एवं न्यायिक समितियों के समक्ष जकरबर्ग ने यह कहते हुए अपनी बात शुरू की कि कैंब्रिज एनालिटिका को रोक पाने में असफल रहने की अपनी जिम्मेदारी वह स्वीकार करते हैं। जकरबर्ग इसके लिए पहले भी कई बार लोगों और फेसबुक यूजर्स से क्षमायाचना कर चुके हैं। लेकिन अपने करियर में पहली बार वह अमेरिकी संसद के समक्ष पेश हुए हैं।  बुधवार को वह ऊर्जा एवं वाणिज्यिक समिति के समक्ष पेश होंगे। इन गवाहियों के दौरान जुकरबर्ग न सिर्फ अपनी कंपनी की खोई हुई प्रतिष्ठा को हासिल करने की कोशिश करेंगे, बल्कि कुछ सांसदों की ओर से लगाए गए संघीय नियमों के उल्लंघन के आरोपों से भी बचने का प्रयास करेंगे।  अपने शुरुआती बयान में जुकरबर्ग ने फेक न्यूज, हेट स्पीच, डाटा प्राइवेसी के अभाव और 2016 के चुनावों में रूसी सोशल मीडिया के हस्तक्षेप के लिए भी माफी मांगी। उन्होंने कहा, "हमने अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पर्याप्त व्यापक दृष्टिकोण नहीं अपनाया और यही हमारी बड़ी गलती थी। यह मेरी गलती थी और इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं। फेसबुक मैंने शुरू किया था, मैंने इसका संचालन किया, इसलिए यहां जो कुछ भी हुआ उसका जिम्मेदार मैं हूं।"  उधर, फेसबुक ने अपने यूजर्स को यह जानकारी देनी शुरू कर दी है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डाटा एकत्रित किया था। कुछ फेसबुक यूजर्स के पेज पर मंगलवार को यह नोटिफिकेशन दिखाई भी दिया।

उन्होंने भारत में अगले साल होने वाले आम चुनावों के दौरान लोगों का भरोसा बहाल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, भारत में आगामी चुनाव के दौरान पूरी ईमानदारी बरती जाएगी।

बता दें कि सीनेट अमेरिकी कांग्रेस की उपरी प्रतिनिधि सभा है। भारतीय लोकतंत्र में सिनेट की तुलना राज्यसभा से की जाती है।

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा रहस्योद्घाटन के बाद जकरबर्ग अमेरिकी संसद में गवाही के लिए तैयार हो गए थे। कैंब्रिज एनालिटिका का कहना था कि वह डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़ी हुई थी और उसने चुनाव प्रभावित करने के लिए 8.7 करोड़ लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां हासिल की थीं।

सीनेट की वाणिज्य एवं न्यायिक समितियों के समक्ष जकरबर्ग ने यह कहते हुए अपनी बात शुरू की कि कैंब्रिज एनालिटिका को रोक पाने में असफल रहने की अपनी जिम्मेदारी वह स्वीकार करते हैं। जकरबर्ग इसके लिए पहले भी कई बार लोगों और फेसबुक यूजर्स से क्षमायाचना कर चुके हैं। लेकिन अपने करियर में पहली बार वह अमेरिकी संसद के समक्ष पेश हुए हैं।

बुधवार को वह ऊर्जा एवं वाणिज्यिक समिति के समक्ष पेश होंगे। इन गवाहियों के दौरान जुकरबर्ग न सिर्फ अपनी कंपनी की खोई हुई प्रतिष्ठा को हासिल करने की कोशिश करेंगे, बल्कि कुछ सांसदों की ओर से लगाए गए संघीय नियमों के उल्लंघन के आरोपों से भी बचने का प्रयास करेंगे।

अपने शुरुआती बयान में जुकरबर्ग ने फेक न्यूज, हेट स्पीच, डाटा प्राइवेसी के अभाव और 2016 के चुनावों में रूसी सोशल मीडिया के हस्तक्षेप के लिए भी माफी मांगी। उन्होंने कहा, “हमने अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पर्याप्त व्यापक दृष्टिकोण नहीं अपनाया और यही हमारी बड़ी गलती थी। यह मेरी गलती थी और इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं। फेसबुक मैंने शुरू किया था, मैंने इसका संचालन किया, इसलिए यहां जो कुछ भी हुआ उसका जिम्मेदार मैं हूं।”

उधर, फेसबुक ने अपने यूजर्स को यह जानकारी देनी शुरू कर दी है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डाटा एकत्रित किया था। कुछ फेसबुक यूजर्स के पेज पर मंगलवार को यह नोटिफिकेशन दिखाई भी दिया।

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