डेटा लीक मामला: जकरबर्ग ने ब्रिटेन के अखबारों में विज्ञापन देकर मांगी माफी

डेटा लीक मामले में आलोचना का सामना कर रहे फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने एक बार फिर माफी मांगी है. जकरबर्ग ने ब्रिटेन के सभी अखबारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन निकाल माफी मांगी है. विज्ञापन में जकरबर्ग ने लिखा है कि आपकी जानकारी को संभाल कर रखना हमारी जिम्मेदारी है, अगर हम उस जिम्मेदारी को नहीं निभा पाते हैं तो हम आपकी सेवा के लायक नहीं हैं. जकरबर्ग की तरफ से ये विज्ञापन ब्रिटेन के सभी अखबारों के संडे एडिशन में दिया गया है. ब्रिटेन के अलावा कई अमेरिकी अखबारों में भी जकरबर्ग का माफीनामा छपा है.

क्या लिखा जकरबर्ग ने?

मार्क जकरबर्ग ने विज्ञापन में लिखा कि एक यूनिवर्सिटी रिसर्चर के द्वारा एक एप्लिकेशन बनाई गई, जिसके जरिए फेसबुक के कई यूजर्स का डेटा चोरी हुआ. ये लोगों के विश्वास के साथ धोखा था, इस समय आप सभी से माफी मांगने के अलावा मैं कुछ नहीं कर सकता. लेकिन हम लगातार एक्शन ले रहे हैं और हमारी कोशिश है कि आगे से ऐसा कभी ना हो.

जकरबर्ग ने लिखा कि हमने इस तरह की कई एप्स को बैन कर दिया है, और हमने एप्स को देने वाली जानकारी भी लिमिटेड कर दी है. इसके अलावा हम सभी एप्लिकेशन की जांच कर रहे हैं. जकरबर्ग ने बताया कि अब हम अपने यूजर को ये भी बताएंगे कि आप किस एप में लॉगइन हैं. जिससे आप उससे बाहर आ सकें.

आपको बता दें कि इससे पहले मार्क ने फेसबुक पर पोस्ट के जरिए सफाई दी थी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि कंपनी ने इस मामले में अभी तक कई कदम उठाए हैं और आगे भी कड़े कदम उठा सकती है. जकरबर्ग ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के मामले में अपनी गलती कबूली थी.

जकरबर्ग ने लिखा कि लोगों के डेटा को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है, अगर हम इसमें फेल होते हैं तो ये हमारी गलती है. उन्होंने कहा कि हमने इसको लेकर पहले भी कई कदम उठाए थे, हालांकि हमसे कई गलतियां भी हुईं लेकिन उनको लेकर काम किया जा रहा है. उन्होंने लिखा कि फेसबुक को मैंने शुरू किया था, इसके साथ अगर कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरी ही है. हम अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश करते रहेंगे, हम एक बार फिर आपका विश्वास जीतेंगे.

क्या है मामला?

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की मदद करने वाली एक फर्म ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ पर लगभग 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स के निजी जानकारी चुराने के आरोप लगे हैं. इस जानकारी को कथि‍त तौर पर चुनाव के दौरान ट्रंप को जिताने में सहयोग और विरोधी की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल किया गया है.

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