सरकार का फैसला: डेरा विवाद निपटने के बाद भी न हटेंगे सुरक्षा प्रबंध और न ही फोर्स….

डेरा विवाद निपटाने के बाद भी सरकार किसी प्रकार का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। इसलिए सभी प्रकार के सुरक्षा प्रबंध एक सप्ताह तक और रखने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे पूर्व जाट आरक्षण को लेकर अदालत के फैसले को लेकर ये प्रबंध लंबित रखे गए थे लेकिन प्रशासन इसे आठ सितंबर तक जारी रखने का ऐलान कर दिया है।सरकार का फैसला: डेरा विवाद निपटने के बाद भी न हटेंगे सुरक्षा प्रबंध और न ही फोर्स....#बड़ी खबर: साध्वी रेप केस में सजा काट रहा राम रहीम है या कहीं डुप्लीकेट, जानिए पूरा सच…

इसके मद्देनजर जिले में सुरक्षाबलों की तैनाती तो पहले जैसी रहेगी ही, साथ ही डेरा विवाद में ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाए गए 18 अधिकारियों को भी एक सप्ताह के लिए अपने पदों पर बने रहने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।

हरियाणा रोडवेज डिपो की 28 बसें जिला प्रशासन 08 सितंबर तक अपने पास ही रखा है और बाकी सुरक्षा इंतजाम भी यथावत जारी रहेंगे। इस बीच सोमवार तक जिला प्रशासन के पास इस पूरे आंदोलन के दौरान हुए खर्च की पूरी सूची भी आने की उम्मीद है।  

सुरक्षाबल की 13 कंपनियां और सेना की चार टुकड़ियों के जिम्मे रहेगी सुरक्षा

जिले में सुरक्षा बलों की 13 कंपनियां है जिसमें 6 अर्धसैनिक बल एवं 7 कंपनियां हरियाणा पुलिस की शामिल हैं, को जिलेभर में तैनात किया गया है। इसके अलावा सेना की भी चार टुकड़ियां स्टैंडबाय मोड़ पर रखी गई है।

फिलहाल सिरसा जिले में तैनात सेना की टुकड़ियां एक घंटे के नोटिस पर फतेहाबाद शहर में मोर्चा संभाल लेंगी। इन कमांडरों की निरंतर पुलिस एवं जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ बैठकें हो रही हैं जिसमें सुरक्षा इंतजामों की लगातार समीक्षा की जाती रही है।

प्रशासन को उम्मीद है कि सुरक्षाबलों की सजगता के चलते जिस तरह से डेरा विवाद की जद से फतेहाबाद जिला बचा रहा, बाकी बचे दिन भी शांतिपूर्ण ही निकलेंगे। लेकिन प्रशासन अपने स्तर पर किसी प्रकार की कोई कमी-पेशी नहीं छोड़ना चाहता, इसलिए सभी सुरक्षाबलों को अभी भी अलर्ट पर रखा गया है।  

पंजाब-राजस्थान बार्डर अभी तक सील
फतेहाबाद जिला भट्टू साइड से राजस्थान और रतिया-जाखल-टोहाना से पंजाब के विभिन्न शहरों को मिलता है। संवेदनशील इलाका होने के चलते डेरा विवाद निपटने के एक सप्ताह बाद तक भी दोनों राज्यों की सीमाओं को सील रखा गया है।

इन जगहों पर अभी तक पुलिस नाके लगाए गए हैं जहां पर प्रत्येक व्यक्ति एवं वाहन की पूरी तरह जांच के बाद ही उसे फतेहाबाद जिले में प्रवेश करने दिया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो ये सिलसिला 8 सितंबर तक लगातार इसी तरह रहेगा। 

18 ड्यूटी मजिस्ट्रेट पहले की तरह करते रहेंगे ड्यूटी

डेरा विवाद के चलते जिले में प्रशासन की ओर से विभिन्न इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 18 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। डेरा विवाद निपटने के बाद उनको अपनी मूल ड्यूटी पर लौटना था लेकिन जिला प्रशासन की ओर से ताजा आदेशों में एक सप्ताह के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति आदेशों को बढ़ा दिया गया है। अब जिला प्रशासन 7 सितंबर को हालात की समीक्षा करेगा और इसके बाद इस बारे में कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

हरियाणा रोडवेज फतेहाबाद डिपो की 28 बसें आठ सितंबर तक जिला प्रशासन के पास रहेंगी। इसमें से पांच बसें 19 अगस्त से एवं 23 बसें 27 अगस्त से प्रशासन के पास हैं। इन बसों का उपयोग फोर्स को लाने-ले जाने के लिए रिजर्व रखा गया है। रोडवेज सूत्रों के अनुसार इन बसों की एवज में प्रतिदिन 3 लाख 71 हजार रूपए किराया राशि वसूली जाएगी। इससे पूर्व बसें ना चलने के कारण एक करोड़ 27 लाख, वेतन व टैक्स 58 लाख एवं बसों की एवज में 32 लाख के राजस्व की नुकसान का दावा रोडवेज विभाग कर चुका है।  

‘फतेहाबाद जिला पूरी तरह से शांत रहा है और इसके लिए सभी जिलावासी, सुरक्षाबल और अधिकारी-कर्मचारी गण बधाई के पात्र हैं। लेकिन फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर एक सप्ताह तक सभी प्रकार की तैयारियां ज्यों की त्यों रखी जाएंगी। 8 सितंबर को एक बार फिर समीक्षा करेंगे कि बदलाव की जरूरत है या नहीं। प्रशासन द्वारा किए गए पूरे खर्च की डिटेल सोमवार तक आने की उम्मीद है।’

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