डोकलाम में ड्रैगन का भारत के खिलाफ ‘ट्रिपल प्लान’ डिकोड…

डोकलाम में ड्रैगन की नई चाल का खुलासा हुआ है. ‘आजतक’ के पास मौजूद खुफिया रिपोर्ट के हवाले से खबर मिली है कि चीनी सैनिक डोकलाम में एक बार फिर सड़क बनाने में जुट गए हैं. 73 दिनों तक जिस जगह पर विवाद था, उस जगह से 4 किलोमीटर पूर्व में चीनी सैनिक सड़क बना रहे हैं.डोकलाम में ड्रैगन का भारत के खिलाफ 'ट्रिपल प्लान' डिकोड...

चीन सड़क बनाने के लिए बड़े-बड़े उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है. ये इलाका चुम्बी घाटी में पड़ता है, जहां पर चीनी सैनिक और इंजीनियर नई सड़क बनाने में जुटे हैं. सड़क के पास ही PLA ने अपने सैनिकों को लाने और ले जाने के लिए 3 नए हेलिपैड भी बना लिए हैं.

डोकलाम में 9 से 10 मीटर चौड़ी सड़क

डोकलाम में इस समय मौसम साफ होने के चलते चीनी सैनिक इस तरफ सड़क निर्माण करने में जुटे हैं. सूत्रों के मुताबिक ये सड़क करीब 9 से 10 मीटर चौड़ी है. यही नहीं चीन ने यहां पर विवादित जगह से 200 से 300 मीटर की दूरी पर सैनिकों की तैनाती कर रखी है.  

चीनी सैनिकों के 400 से ज्यादा टेंट

चीनी सैनिकों ने इस बार गर्मियों में भारत से भिड़ंत का पूरा प्लान बना रखा है. इसीलिए चीन ने उत्तरी डोकलाम के कई इलाकों में अपने सैनिकों के लिए 400 से ज्यादा टेंट बना रखे हैं. ‘आजतक’ को मिली जानकारी के मुताबिक चीन ने 60 से ज्यादा फैब्रिकेटेड शेल्टर बना लिए हैं.

हेलिकॉप्टर से लद्दाख में घुसपैठ 

9 फरवरी को चीनी सेना लद्दाख के ‘ट्रैक जंक्शन’ में 2 चीनी हेलीकॉप्टर के जरिये भारतीय सीमा में 15 किलोमीटर अंदर तक घुसी. करीब 30 मिनट चीनी हेलीकॉप्टर इस इलाके में उड़ता रहा. यही नहीं इसी दिन यानी 9 फरवरी को लद्दाख के एक पोस्ट के पास भी सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर PLA के 2 हेलीकॉप्टर भारतीय सुरक्षा बलों ने देखे. सूत्रों के मुताबिक चीन इन हेलीकॉप्टर के जरिए इस इलाके की रेकी करने में जुटा है.

यही नहीं चीन की PLA की पेट्रोलिंग पार्टी भी जमीन के रास्ते भारत की सीमा में कई जगहों पर 19 किलोमीटर अंदर तक घुसी. सूत्रों के मुताबिक लद्दाख के डेपसांग में 10 फरवरी को चीनी सैनिक 19 किमी अंदर भारतीय सीमा में घुसे. भारतीय सेना के विरोध के बाद चीनी सैनिक वापस लौट गए.

3 फरवरी और 8 फरवरी 2018 को चीनी सैनिक 7 किलोमीटर भारत की सीमा के अंदर लद्दाख के ट्रिग हाइट में घुसे. सूत्रों के मुताबिक ट्रिग हाइट और डेपसांग का ये इलाका भारत के लिए रणनीतिक महत्व की जगह है, इसलिए चीन यहां हावी होने की कोशिश में रहता है. इसी इलाके में भारत का महत्वपूर्ण दौलत बेग ओल्डी एयरफील्ड है, जिस पर चीन घुसपैठ के जरिए नजर रखने की फिराक में रहता है.

चीन की मिसाइल ब्रिगेड तैनात

ताबड़तोड़ घुसपैठ में चीन ने अरुणाचल को भी नहीं छोड़ा. अरुणाचल के दिचू में 12 फरवरी को चीनी सैनिक 250 मीटर भारतीय सीमा के अंदर घुसे. तिब्बत में भारत चीन सीमा से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर चीनी सैनिक (PLA) कंक्रीट डिफेंडेड लोकेशन बना रहे हैं. इससे भारत की सेना पर नजर रखी जा सकती है. चीन ने अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाते हुए मिसाइल ब्रिगेड की भी तैनाती की है.

‘आजतक’ को मिली जानकारी के मुताबिक चीन ने तिब्बत के काशी एयरफील्ड में लड़ाकू विमानों की तैनाती की है. चीन ने काशी एयरफील्ड में HQ-12 और HQ-9 नए राडार सिस्टम को लगा दिया है. पिछले साल इस नए राडार सिस्टम की चीन ने तिब्बत में ही युद्धाभ्यास के दौरान टेस्टिंग की थी.

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