ड्रैगन के ‘मिशन 2025’ पर अमेरिकन राष्‍ट्रपति की ‘ट्रंप’ चाल, ट्रेड वार में कूदे चीन और अमेरिका

चीन के महत्वाकांक्षी ‘ प्लान 2025 ‘ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘ट्रंप’ चाल से दोनों देशों के बीच गतिरोध बढ़ सकता है। ट्रंप के इस कदम से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध और तेज हो सकता है। इन दिनों अमेरिका की टेक्नॉलजी इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ता चीनी निवेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर है। दरअसल, ये कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप जल्द ही अमेरिका की टेक्नॉलजी कंपनियों में चीनी निवेश के खिलाफ कठोर फैसले ले सकते हैं। इसके जरिए वह चीन के महत्वाकांक्षी योजना को झटका दे सकते हैं।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप कई चीनी कंपनियों पर अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों में निवेश को रोकना चाहते हैं। इसके अलावा उनका इरादा चीन को अतिरिक्त प्रौद्योगिकी का निर्यात भी प्रतिबंधित करने का है।

इस तरह की दोहरी पहल की घोषणा इस सप्ताह के अंत तक की जा सकती है।  इसका मकसद चीन की ‘मेड इन चाइना 2025’ रिपोर्ट के तहत प्रौद्योगिकी के दस व्यापक क्षेत्रों में वैश्विक नेता बनने की कोशिशों को रोकना है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, वैमानिकी, इलेक्ट्रिक वाहन तथा जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र शामिल हैं।

खबरों के अनुसार यह भी अमेरिका द्वारा चीन के 50 अरब डॉलर मूल्य के सामान पर शुल्क लगाने के कदम जैसा होगा।  अमेरिका का कहना है कि चीन के अनुचित व्यापार व्यवहार को रोकने के लिए उसने यह कदम उठाया है।  चीन ने भी अमेरिका के शुल्कों का जवाब उसी की तरह दिया है। चीन द्वारा लगाया गया शुल्क छह जुलाई से लागू होगा। 

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