ताजमहल में होगी प्रवेश की नई व्यवस्था, पर्यटकों को इस तरह मिलेगी एंट्री

ताजमहल में टूरिस्ट सीजन से पहले पर्यटकों को प्रवेश और टिकट के लिए नया अनुभव होगा। ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने फैसिलिटी सेंटर का शुक्रवार दोपहर को भूमि पूजन कर काम शुरू करा दिया।  पूर्वी गेट पर रेवती के बाड़े में और पश्चिमी गेट पर सहेली बुर्ज में फैसिलिटी सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां सुरक्षा जांच के साथ अन्य सुविधाएं भी होंगी। 6 महीने में दोनों गेटों पर सेंटर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।ताजमहल में होगी प्रवेश की नई व्यवस्था, पर्यटकों को इस तरह मिलेगी एंट्री

एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. भुवन विक्रम ने पूर्वी गेट स्थित रेवती के बाड़े में फैसिलिटी सेंटर के निर्माण के लिए शुक्रवार दोपहर को भूमि पूजन किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद फावड़ा चलाकर निर्माण कार्यों की शुरुआत की। 

पूर्वी गेट पर रेवती के बाड़े से प्रवेश द्वार तक एयरपोर्ट की तरह से पारदर्शी टनल बनाई जाएगी, जहां सुरक्षा जांच के बाद पर्यटक सीधे गेट पर पहुंचेंगे। 

पश्चिमी गेट पर सहेली बुर्ज टिकट काउंटर के सामने 165 वर्ग मीटर खाली जमीन पर फैसिलिटी सेंटर प्रस्तावित है। एएसआई अधिकारियों की मौजूदगी में डॉ. भुवन विक्रम ने यहां भी पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया।

ताज पूर्वी और पश्चिमी गेट पर 6-6 टर्न स्टाइल गेट लगाए जाएंगे। बाद में इनकी संख्या 8 तक हो पाएगी। दक्षिणी गेट के बंद होने के बाद इन दोनों ही गेटों पर पर्यटकों का दबाव बढ़ जाएगा। 

इतनी लागत से लगेंगे उपकरण

एएसआई 68.80 लाख रुपये की लागत से पश्चिमी गेट पर सुरक्षा उपकरण लगाएगी। फिलहाल पर्यटकों की सुरक्षा जांच ताज के गेट के अंदर होती है।

लेकिन सहेली बुर्ज टिकट काउंटर के सामने 165 वर्ग मीटर खाली जमीन पर अस्थायी शेड लगाकर टर्न स्टाइल गेट और डीएफएमडी लगाए जाएंगे। गोदरेज कंपनी के सभी टर्न स्टाइल गेट आगरा कुछ महीने पहले ही आ चुके हैं।

अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. भुवन विक्रम का कहना है कि ताज पूर्वी और पश्चिमी गेट पर फैसिलिटी सेंटर बनने से पर्यटकों को सुविधा होगी। यहां टर्न स्टाइल गेट लगाए जाएंगे, जिससे प्रवेश की नई व्यवस्था लागू होगी। दोनों सेंटर 6 माह के अंदर बना दिए जाएंगे।

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