ताजमहल से जुड़े इस रहस्य के बारे में नहीं जानते होंगे आप, तो जान लीजिये…

दुनिया के 8 अजुबों में एक ताजमहल की खूबसूरती की लोग मिसाल देते हैं. यह एक ऐसा अजूबा है जो अपनी खूबसूरती के साथ प्यार के एहसास के लिए भी जाना जाता है, जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है.ताजमहल से जुड़े इस रहस्य के बारे में नहीं जानते होंगे आप, तो जान लीजिये...
 

ताजमहल एक ऐसी इमारत में शुमार है, जिसकी वजह से आज भी लोग कभी ना मिटने वाले प्यार की मिसाल देते हैं. इसे देखने दुनिया भर के लोग आते हैं और अपने साथ एक खूबसूरत एहसास को साथ ले जाते हैं.
 

जानें, दुनिया के इस बेमिसाल अजूबे के बारे में…
 

1. यह तो सभी जानते हैं कि मुमताज शाहजहां की पत्नी थीं. लेकिन शायद ही कोई जानता हो कि वह उनकी तीसरी पत्नी थीं. शाहजहां के 14वें संतान को जन्म देते समय उनका निधन हो गया था और उनकी याद में ही शाहजहां ने ताजमहल बनवाया.
 

2. वैसे तो मुमताज का निधन बुरहानपुर में हुआ था जिस कारण उन्हें वहीं दफनाया गया था. लेकिन उनके निधन के कुछ महिने बाद ही शाहजहां ने उनके शव को वहां से निकालकर ताजमहल में दफनाया था.
 

3. ऐसी भी मान्यता है कि आगरा में मुमताज के शव को ममी बनाकर रखा गया था और ताजमहल तैयार होने के बाद ही उन्हें वहां दफनाया गया.
 

4. बता दें कि ताजमहल साल 1632 में बनना शुरू हुआ था, जिसको तैयार होने में पूरे 22 साल का समय लगा.
 

5. ताजमहल को बनाने में एक खास तरह की लकड़ी का प्रयोग किया गया था. लेकिन जमना नदी के सूखने के कारण यह लकड़ी भी समय के साथ सूख रही है. साथ ही बढ़ती प्रदूषण से ताजमहल की रंगत पर भी असर पड़ रहा है. इसको ठीक करने के लिए मुलतानी मिट्टी का सहारा लिया गया लेकिन कोई खास फर्क दिखाई नहीं दिया.
 

6. ताजमहल को तैयार करने के लिए 8 अलग देशों से कई तरह के चीजों को मंगवाया गया था. जिसके कारण ताजमहल ने फारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी आर्किटेक्चर का एक अनोखा रूप बन गया .
 

इस कारण यूनेस्को ने साल 1983 में ताजमहल को विश्व धरोहर घोषित किया.

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