तीन चुनावी राज्यों के मद्देनजर कितना सटीक है कांग्रेस का ‘भारत बंद’ दांव

पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस सहित 21 विपक्षी दलों ने आज भारत बंद (Bharath Bandh) कर रखा है. कांग्रेस ने ऐसे समय में बीजेपी के खिलाफ सड़क पर उतरने का दांव चला है, जब चंद महीनों के बाद तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में बीजेपी के माथे पर चिंता की लकीर को साफ देखा जा सकता है.

बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में दो महीन के बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. इन तीनों राज्यों में फिलहाल बीजेपी की सरकार है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल, मंहगाई, राफेल डील सहित किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस सहित विपक्ष दल सड़क पर आंदोलन के लिए उतरा है.

कांग्रेस का दांव असर नजर भी रहा है. राजस्थान सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 4 फीसदी वैट कम करने का फैसला भी कर दिया है. वसुंधरा सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब कीमतों में 2 से 2.50 रुपये तक की कमी आ जाएगी.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं, जैसे राजस्थान में किया था. इसका नतीजा है कि हमारे दबाव में राज्य सरकार ने वैट घटा दिया है.

‘भारत बंद’ के चपेट में MP

पहले दलित फिर सवर्ण समुदाय अब कांग्रेस सहित विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद का ऐलान किया है. दलित और सवर्ण समुदाय के बंद का सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश में नजर आया था. ऐसे में आज कांग्रेस का भारत बंद ने शिवराज सरकार के लिए चिंता और पैदा कर दी है.

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