तेजस्वी बोले, बीजेपी से दोस्ती तोड़ने का मौका टटोल रहे हैं नीतीश

विशेष राज्य का दर्जा. ये मांग अब बिहार में बलवती होती जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ताजा मांग पर प्रदेश की सियासत में हलचल है और इसमें सबसे पहले शामिल होने वालों बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव का नाम प्रमुख है जो पहले भी कई बार इस मुद्दे को लेकर नीतीश कुमार की खिंचाई करते रहे है.  अब तेजस्वी ने कहा, ‘लोग जान चुके हैं कि पलटी मारने के लिए नीतीश कुमार भूमिका बना रहे हैं. वह ऐसी छवि बनाना चाहते हैं, जिससे साबित हो कि वह बिहार के विकास के लिए काम कर रहे हैं.  विशेष राज्य की मांग के बहाने बीजेपी पर वह दबाव की राजनीति करना चाह रहे है. वह बीजेपी से दोस्ती तोड़ने का मौका टटोल रहे हैं. लेकिन सच्चाई तो यह है कि उन्हें (नीतीश) अपने वोट बैंक और मुख्यमंत्री बने रहने की चिंता है.’ बता दें कि नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पुरानी मांग को दोबारा उठाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया. नीतीश कुमार ने मंगलवार को ब्लॉग लिखकर बिहार को किन कारणों से स्पेशल स्टेटस दिया जाना चाहिए इस बारे में विस्तार से लिखा है. 2013 में एनडीए से अलग होने में यही मुद्दा तात्कालिक कारण बना था. फ़िलहाल बीजेपी कई राज्यों में अपने साथियो को लेकर चींटी नज़र आ रही है उनमे अब बिहार का नाम भी जुड़ गया है.

उन्होंने कहा, ‘बिहार के स्पेशल स्टेटस की राह में नीतीश कुमार ही सबसे बड़े बाधा हैं. वह जब मुख्यमंत्री बने थे, तभी उन्होंने इसकी मांग की थी. वह लंबे समय से बिहार के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन अब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया. ऐसे में नैतिकता के आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

बता दें कि नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पुरानी मांग को दोबारा उठाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया. नीतीश कुमार ने मंगलवार को ब्लॉग लिखकर बिहार को किन कारणों से स्पेशल स्टेटस दिया जाना चाहिए इस बारे में विस्तार से लिखा है. 2013 में एनडीए से अलग होने में यही मुद्दा तात्कालिक कारण बना था. फ़िलहाल बीजेपी कई राज्यों में अपने साथियो को लेकर चींटी नज़र आ रही है उनमे अब बिहार का नाम भी जुड़ गया है. 

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