..तो इसलिए अंडरग्राउंड ट्रैक पर स्प्रिंग पर दौड़ेगी लखनऊ मेट्रो

चारबाग से हजरतगंज के बीच सुरंग में मेट्रो एक खास तरह के स्प्रिंग पर बने ट्रैक पर दौड़ेगी। इस खास ट्रैक की वजह से आसपास की जमीन और ऊपरी सतह पर बनी इमारतों को कंपन के नुकसान से बचाया जा सकेगा।..तो इसलिए अंडरग्राउंड ट्रैक पर स्प्रिंग पर दौड़ेगी लखनऊ मेट्रोGood News: अभी और कुछ वस्तुओं के जीएसटी रेट घट सकते हैं, वित्त मंत्री ने दिये संकेत!

इसके लिए रविवार को एमडी कुमार केशव ने सचिवालय स्टेशन साइट पर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद सचिवालय से हजरतगंज के बीच सुरंग में विधिवत ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया। इसका काम कालिंदी रेल निर्माण कंपनी को दिया गया है। इसी कंपनी ने प्राथमिकता सेक्शन पर पटरी बिछाई थीं।  

एमडी ने बताया कि अपनी तय डेडलाइन से करीब एक महीने पहले ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया है। अगले एक महीने में सचिवालय से हजरतगंज के बीच ट्रैक बिछाने के काम को खत्म कर लिया जाएगा।

इस मास स्प्रिंग सिस्टम को ऑस्ट्रिया से आयात किया गया है। इसे बिछाने का काम कालिंदी रेल निर्माण कंपनी को दिया गया। इसी कंपनी ने प्राथमिकता सेक्शन पर पटरियां बिछाई थीं।

एक अधिकारी ने बताया कि ट्रैक बिछाने से पहले एक विशेष ट्रैक बेड बनाया जाएगा। इस बेड के नीचे यह मास स्प्रिंग सिस्टम रहेगा, जोकि एक तरफ से गद्दे का काम करेगा। ट्रेन के गुजरने के समय यह कंपन को नियंत्रित करेगा। साथ ही सुरंग में यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाएगा।

मास स्प्रिंग सिस्टम एक 25 मिमी मोटाई का लचीला पैड जैसा है। इसका काम सुरंग के ढांचे और इससे जुड़े निर्माण और सतह में कंपन और ध्वनि तरंगों की वजह से होने वाली समस्या को दूर करना है। पटरी में मजबूती रहे, इसके लिए इसमें जोड़ देने की जगह इसे वेल्डिंग से मजबूत बनाया जाएगा।

इस तरह किया जाएगा निर्माण
– सबसे पहले सुरंग की सतह पर लचीली इलास्टोमर मास स्प्रिंग सिस्टम शीट रखी जाएगी।
– इसके बाद ट्रैक बेड के सुदृढीकरण के लिए स्प्रिंग शीट के ऊ पर जाल रखी जाती है
– इस जाल में नीचे तक कंक्रीट भरा जाएगा, इस कंक्रीटनुमा जाल के ऊपर पटरी बिछेगी।

आयातित होगा ट्रैक
पटरियां – जापान
मास स्प्रिंग सिस्टम शीट -ऑस्ट्रिया
ट्रैक फिटिंग का सामान – जर्मनी

You May Also Like

English News