…तो इसलिए विधायकों को नहीं मिलेगा दायित्व…

देहरादून : सवा साल से सत्ता में हिस्सेदारी हासिल होने की उम्मीद पाले भाजपा विधायकों को फिलहाल मायूस होना पड़ सकता है। सरकार बहुत जल्द दायित्वों का बटवारा तो करने जा रही है मगर इनमें किसी विधायक को शायद मौका नहीं मिल पाएगा। पहले चरण में संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का ही नंबर लगेगा। शासन ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत आने वाले दायित्वों के पदों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि दायित्वों की पहली सूची जल्द जारी कर दी जाएगी।...तो इसलिए विधायकों को नहीं मिलेगा दायित्व...

लगभग सोलह महीने पहले सत्ता में आई भाजपा के लिए दायित्व वितरण इस बार इसलिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसकी कतार में लगभग 40 विधायक भी शामिल हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 57 विधायक हैं। इनमें से 10 मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं, जबकि दो विधायक विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में अभी दो स्थान रिक्त हैं लेकिन अधिकांश भाजपा विधायकों की नजरें मंत्री पद के समकक्ष दायित्वों पर ही टिकी हैं। इनमें से कई तो पूर्व मंत्री हैं और दो या ज्यादा बार के विधायक भी खासी संख्या में हैं।

दायित्वों के दावेदार के रूप में विधायकों की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं, उनसे साफ हो गया है कि इनका इंतजार फिलहाल खत्म होने नहीं जा रहा है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में लगभग डेढ़ दर्जन दायित्व बांटे जाएंगे और इनमें अधिकांश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। तर्क यह दिया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में जिन वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं मिल पाया था, उन्हें अब पहले दायित्वों का लाभ दिया जाए। इस स्थिति में भाजपा विधायकों को फिलहाल मायूसी ही हाथ लग सकती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि दायित्व वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में कोई जल्दबाजी नहीं है। हमारा कार्यकर्ता दायित्व के पीछे भागने वाला नहीं है। कहीं कोई आक्रोश भी इसे लेकर नहीं है। हालांकि, दायित्व दिए जाने और पहले चरण में आयोगों को लेकर सहमति बन चुकी है। ये किसे दिए जाने हैं, यह तय होना अभी बाकी है।

English News

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com