… तो इस वजह से विवादों में आया महंत देव्या गिरि का रोजा इफ्तार

लखनऊ मे॒ मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि की ओर से रविवार को उपवन घाट पर कराया रोजा इफ्तार विवादों में आ गया है। हिंदू संगठनों ने मंदिर के खजाने के दुरुपयोग और आरती स्थल पर नमाज अदा कराने पर आपत्ति जताते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से शिकायत की है।

परिषद के अध्यक्ष और शंकराचार्य को लिखी चिट्ठी में मंदिर के कोष के दुरुपयोग पर कार्रवाई करने की बात उठाई है। मंगलवार को दिनभर सोशल मीडिया पर इफ्तारी पर चले विवादों के साथ आक्रोशित हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया।

कई संगठन आरती स्थल पवित्र कराने की मांग के साथ बुधवार को भी प्रदर्शन का एलान कर चुके हैं। मनकामेश्वर मंदिर के सामने गोमती तट पर 10 जून को 600 से अधिक रोजेदारों को इफ्तार कराया गया। इसके बाद आरती स्थल गोमा तट पर रोजेदारों ने नमाज अदा की।

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर चल रहा विरोध मंगलवार को सड़कों पर आ गया। कई हिंदू संगठनों ने डालीगंज, तट परिसर के आसपास विरोध स्वरूप प्रदर्शन किए। देर रात संगठनों के पदाधिकारियों ने हसनगंज कोतवाली के बाहर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन भी किया।

शंकाराचार्य और अखाड़ा परिषद से शिकायत

हसनगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक हर प्रसाद अहरिवार ने बताया कि मनकामेश्वर मंदिर के प्रबंधक अमित गुप्ता ने अंबुज निगम, सनी, संदीप जायसवाल, अमित  साहू और चेतन सहित 20 अज्ञात लोगों पर धमकाने व सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसकी जांच की जा रही है। 

हिंदू साम्राज्य परिषद की अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री, राष्ट्रीय महासचिव वंदना कुमार ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि महाराज को पत्र लिखकर शिकायत की है। रंजना ने बताया कि मंदिर की महंत का साथ में भोजन करना, भगवा वस्त्रों पर चौखाने वाले रुमाल का ओढ़ना, मंदिर के धन का दुरुपयोग करना गलत है।

कार्रवाई के लिए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष शंकराचार्य द्वारका शारदा पीठाधीश्वर, गुजरात, ज्योतिषपीठाधीश्वर बद्रीकाश्रम शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज को भी शिकायत की। जल्द ही कानूनी कार्रवाई भी करेंगी।

अच्छे मकसद से किया आयोजन

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज ने बताया कि उन्हें अभी शिकायती पत्र नहीं मिला है। लेकिन आरती स्थल पर नमाज कराना गलत है। मंदिर में चढ़ावे के धन का प्रसाद, प्रभु सेवा के इतर उपयोग भी गलत है। पत्र मिलते ही अखाड़ा परिषद मामले की जांच करवाकर कार्रवाई करेगा।

मैं मामले को नजदीक से देख रही हूं। आयोजन एक अच्छे मकसद के लिए किया गया था, लेकिन अब अपने ही भाई विरोध कर रहे हैं तो मैं क्या कर सकती हूं।

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