…तो क्या टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हुई थी पिच से छेड़छाड़

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कोच रे जेनिंग्स ने पिचों में बदलाव करने के टीम प्रबंधन को फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह फैसला मेजबान टीम को उल्टा ही पड़ा है। जेनिंग्स ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका टीम प्रबंधन ने टेस्ट सीरीज के दौरान पिचों में बदलाव करने का प्रयास किया और इससे वह लगभग सीरीज गंवाने की स्थिति में आ गए थे। तेज और उछाल भरी पिच से मदद नहीं मिलनी थी क्योंकि टीम इंडिया के पास भी बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं बल्कि बदलाव के बाद पिच से स्पिनरों को भी मदद मिलनी शुरू हो गई थी। ...तो क्या टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हुई थी पिच से छेड़छाड़उन्होंने कहा कि दस साल पहले टीम इंडिया के पास तेज गेंदबाज नहीं थे लेकिन अब उनके पास काफी हैं। यहां तक कि उनकी अंडर-19 टीम में भी तेज गेंदबाज शामिल हैं जो कम से कम 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं जोकि कुछ साल पहले काफी समझी जाती थी। जेनिंग्स ने कहा कि टीम का चयन भी गलत था। ऐसी पिच पर स्पिनरों को मदद मिल रही थी।

टीम प्रबंधन कह रहा है कि हम अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हैं लेकिन जब हमारे युवा तेज गेंदबाज इस साल फेल हो जाएंगे तो अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में आप किन्हें उतारेंगे। आपको हमेशा अपनी श्रेष्ठ एकादश उतारना चाहिए ताकि जीत आपकी आदत में शुमार हो। आपको भविष्य में ज्यादा दूर की सोचने की जगह मैच दर मैच और सीरीज दर सीरीज सोचना होगा।

चहल-कुलदीप के खिलाफ तैयारी के लिए समय का अभाव

जेनिंग्स बल्लेबाजी कोच डेल बेंकेस्टेन की इस बात से सहमत हैं कि अब आपके पास टीम इंडिया के कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव का सामना करने की तैयारी का समय नहीं बचा है। इतने कम समय में कुछ नहीं हो सकता।

यदि इस स्तर पर आपको यह नहीं पता कि स्पिन को कैसे खेलना है तो आपको अपनी अक्षमता के साथ ही खेलना होगा लेकिन आपको खेलने का जज्बा दिखाना होगा। डेविड मिलर और जेपी डुमिनी भी आउट ऑफ फॉर्म चल रहे हैं। ऐसे में कम अनुभवी बल्लेबाजी लाइनअप पर दबाव बढ़ा है। 

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