त्रिपुरा में भाजपा के ट्रंप कार्ड साबित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ त्रिपुरा में भी भाजपा के स्टार प्रचारक और ट्रंप कार्ड साबित हुए हैं। पार्टी नेतृत्व ने त्रिपुरा में जिन सात स्थानों पर योगी की सभाएं और रोड शो कराए थे, उनसे 20 विधानसभा क्षेत्र कवर हुए थे। इनमें से 17 में भाजपा को जीत मिली है। इससे पहले गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी योगी के चुनावी दौरे भाजपा के लिए काफी शुभ रहे थे।त्रिपुरा में भाजपा के ट्रंप कार्ड साबित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

उन दोनों राज्यों में भी योगी की सभाओं वाले स्थानों और उसके पास भाजपा को अच्छा समर्थन मिला था। हालांकि खुद योगी ने त्रिपुरा में जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और संगठन के कार्यकर्ताओं को दिया है।

त्रिपुरा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी स्टार प्रचारक बनकर उभरे थे। उन्होंने गुजरात में 35 सभाएं और हिमाचल में 15 सभाएं तथा कई रोड शो किए थे। गुजरात में बाहरी राज्यों से जिन भाजपा नेताओं या मुख्यमंत्रियों की डिमांड रही थी, उनमें योगी सबसे आगे रहे थे।

भाजपा ने योगी को केरल व कर्नाटक में भी सक्रिय कर रखा है। वैसे तो केरल विधानसभा  के चुनाव अभी दूर हैं, पर भाजपा की कोशिश लोकसभा चुनाव में केरल में भाजपा का प्रदर्शन सुधारने की जरूर दिख रही है। कर्नाटक में इसी वर्ष अप्रैल-मई में विधानसभा का चुनाव होना है। योगी वहां भी भेजे जा चुके हैं।

त्रिपुरा में माणिक सरकार जैसे चेहरे की पकड़ और 25 वर्षों से खड़े वामपंथी किले को ढहाकर वहां भगवा पताका फहराने में भाजपा की कामयाबी के पीछे एक बड़ा कारण उस राज्य की बंगाली हिंदू आबादी में 70 प्रतिशत से ज्यादा का नाथ संप्रदाय का अनुयायी होना भी रहा है। त्रिपुरा की कुल आबादी लगभग 25 लाख है। इनमें लगभग 10-12 लाख लोग नाथ संप्रदाय के अनुयायी बताए जाते हैं।

योगी मुख्यमंत्री के साथ गोरक्षपीठ के महंत होने के नाते त्रिपुरा में रहने वाले इन अनुयायियों के एक तरह से आध्यात्मिक गुरु भी हैं। गोरखनाथ नाम से ही त्रिपुरा के दो नगरों अगरतला और धर्मनगर में मंदिर भी हैं। त्रिपुरा की बहुत बड़ी हिंदू आबादी का इन मंदिरों से काफी जुड़ाव है।

इस समीकरण का भी अर्थ
गोरक्ष पीठ की पहचान हिंदुत्ववादी रही है। खुद योगी की भी पहचान यही है। भाजपा ने नाथ संप्रदाय के समीकरण साधने के साथ हिंदुत्व के आधार पर भी त्रिपुरा के लोगों को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश की। योगी के दौरों से इसमें भाजपा को सफलता मिली। एक बात और ध्यान रखने वाली है। नाथ संप्रदाय के ज्यादातर अनुयायी त्रिपुरा में पिछड़े वर्ग में माने जाते हैं, पर उन्हें उस राज्य में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है।

योगी के जरिये भाजपा ने इन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की कि वे जिस शख्स को मानते हैं वह भाजपा की राजनीति में काफी प्रभावी है। सरकार बनी तो भाजपा उनके सम्मान व सरोकारों की चिंता करेगी ही। वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद और उनके नेतृत्व में भाजपा ही सोशल इंजीनियरिंग की प्रबल पैरोकार बनकर उभर ही। साथ ही अब पिछड़ों, दलितों व शोषितों के समीकरणों पर काम करने के लिए जानी जाती है। राजनाथ सिंह भले ही क्षत्रिय हों लेकिन उत्तर प्रदेश में उन्हें अपने शासन में अति पिछड़ों के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए जाना जाता है। भाजपा को त्रिपुरा में इसका भी लाभ मिला। 

पूर्वोत्तर में जीत पर भाजपा का आज विजय दिवस

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने पूर्वोत्तर के राज्यों त्रिपुरा और नगालैंड में पार्टी की जीत पर रविवार को प्रदेश भर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विजय दिवस मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वामपंथियों के गढ़ त्रिपुरा में भाजपा की दो तिहाई से अधिक बहुमत से जीत और नगालैंड में पार्टी गठबंधन की जीत के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्माई नेतृत्व तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कुशल नेतृत्व का कमाल है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा में जीत का श्रेय सीएम योगी आदित्यनाथ को भी जाता है। डॉ. पांडेय शनिवार को यहां पूर्वोत्तर में पार्टी की जीत पर मुख्यालय पर मनाए जा रहे जश्न में शामिल थे।

त्रिपुरा व नगालैंड में जीत की सूचना मिलने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का शनिवार को प्रदेश मुख्यालय पर जुटना शुरू हो गया। सभी ने आतिशबाजी कर और लड्डू खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी।

इनमें प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, प्रदेश सरकार में मंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर हलवासिया, अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेश तिवारी, कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, संगठन मंत्री अशोक तिवारी, राज्य मंत्री स्वाति सिंह, प्रदेश मंत्री संतोष सिंह, मीडिया संपर्क प्रमुख मनीष दीक्षित, हिमांशु दुबे, जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा शामिल थे। मीडिया प्रभारी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक क्षेत्र, जिला व महानगर मुख्यालय तथा सभी मंडल इकाइयों पर विजय दिवस उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा।

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