थाईलैंड की गुफा से बच्चों को निकालने में भारत का भी योगदान

फुटबॉल टीम के 12 बच्चों और उनके कोच को थाईलैंड की गुफा से निकाल लिया गया है. इस मुहीम में महाराष्ट्र के सांगली जिले के किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड कंपनी के डिजाइनिंग इंजीनियर प्रसाद कुलकर्णी ने भी बड़ा किरदार अदा किया है और बच्चों की जान बचाई है. मंगलवार शाम को स्पेशल रेस्क्यू ऑपरेशन सफलता से पूरा हुआ.कोशिशे और मुरादें काम आई. फ़िलहाल बच्चे डॉक्टरों की निगरानी में है. फुटबॉल टीम के 12 बच्चों और उनके कोच को थाईलैंड की गुफा से निकाल लिया गया है. इस मुहीम में महाराष्ट्र के सांगली जिले के किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड कंपनी के डिजाइनिंग इंजीनियर प्रसाद कुलकर्णी ने भी बड़ा किरदार अदा किया है और बच्चों की जान बचाई है. मंगलवार शाम को स्पेशल रेस्क्यू ऑपरेशन सफलता से पूरा हुआ.कोशिशे और मुरादें काम आई. फ़िलहाल बच्चे डॉक्टरों की निगरानी में है.     23 जून से गुफा में फुटबॉल टीम और उनके कोच फस गए थे . तेज बारिश के कारण गुफा से बाहर आने के रास्ता बंद हो गया था. बचाव दल के कहने पर थाईलैंड सरकार ने भारत सरकार से किर्लोस्कर पंप भिजवाने की मांग की. ताकि गुफा में भरे पानी को बाहर  निकाला सके. बैंकॉक में किर्लोस्कर कंपनी की एक ब्रांच से पंप मुहैया किये जाने के बाद उहने सेट करने के लिए सांगली जिले के प्रसाद कुलकर्णी अपनी टीम के साथ थाईलैंड पहुंचे.    इससे पहले 2011 में भी भयंकर बाढ़ में थाईलैंड की मदद बैंकॉक स्थित किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने की थी और लोगों की जान बचाई थी. बहरहाल बच्चे तेजी से ठीक हो रहे है और डॉक्टर्स का कहना है कि वे स्वस्थ है और जल्द ही फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल का नज़ारा करने रूस जा सकते है जिसका निमंत्रण उन्हें गुफा में फ़से होने के दौरान ही मिल गया था.

23 जून से गुफा में फुटबॉल टीम और उनके कोच फस गए थे . तेज बारिश के कारण गुफा से बाहर आने के रास्ता बंद हो गया था. बचाव दल के कहने पर थाईलैंड सरकार ने भारत सरकार से किर्लोस्कर पंप भिजवाने की मांग की. ताकि गुफा में भरे पानी को बाहर  निकाला सके. बैंकॉक में किर्लोस्कर कंपनी की एक ब्रांच से पंप मुहैया किये जाने के बाद उहने सेट करने के लिए सांगली जिले के प्रसाद कुलकर्णी अपनी टीम के साथ थाईलैंड पहुंचे. 

इससे पहले 2011 में भी भयंकर बाढ़ में थाईलैंड की मदद बैंकॉक स्थित किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने की थी और लोगों की जान बचाई थी. बहरहाल बच्चे तेजी से ठीक हो रहे है और डॉक्टर्स का कहना है कि वे स्वस्थ है और जल्द ही फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल का नज़ारा करने रूस जा सकते है जिसका निमंत्रण उन्हें गुफा में फ़से होने के दौरान ही मिल गया था.   

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