दबाव में जाधव का बयान, सुषमा ने इन 5 प्वाइंट्स से खोली PAK की पोल

कुलभूषण जाधव के परिवार से हुई बदसलूकी के मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखा. गुरुवार को राज्यसभा में सुषमा ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई. सुषमा के बयान का विपक्षी पार्टियों ने भी समर्थन किया. सुषमा ने अपने बयान में पाकिस्तान पर ये बड़े हमले किए…दबाव में जाधव का बयान, सुषमा ने इन 5 प्वाइंट्स से खोली PAK की पोलAadhar Card: शायद अब फेसबुक एकाउंट को भी आधार कार्ड से करना होगा लिंक!

1. फांसी की सजा को टलवाया

राज्यसभा में अपने संबोधन में करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि कुलभूषण जाधव के परिवार की मुलाकात राजनयिक कोशिशों से हुई थी. सरकार ने जाधव मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उनपर जारी किए गए फांसी के फैसले को टाल दिया गया है. मुश्किल की घड़ी में सरकार परिवार के साथ है, हमने परिवार के सदस्यों की जाधव से मिलने की इच्छा को पूरा किया.

2. भारत की प्रमुख आपत्तियां

सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात को प्रोपेगेंडा बनाया. जाधव की मां सिर्फ साड़ी पहनती हैं, उनके भी कपड़े भी बदलवा दिए गए. मीडिया को मां और पत्नी के नजदीक आने दिया गया, जो हमारी शर्तों के खिलाफ था. न सिर्फ पाक मीडिया को आने दिया गया बल्कि ताने मारे गए, अपशब्द दिया गया.

3. दबाव में हैं कुलभूषण

मुलाकात से लौटने के बाद मां-पत्नी ने बताया कि कुलभूषण दबाव में हैं. उनके कैद करने वालों ने जो उन्हें बोलने के लिए कहा था जाधव सिर्फ वही बोल रहे थे. पाकिस्तान जाधव की मां-पत्नी के जूतों के साथ कुछ शरारत कर सकता है. इस मीटिंग में सिर्फ मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन ही हुआ है.

4. सुहागनों को विधवा की तरह पेश किया 

कुलभूषण ने सबसे पहला सवाल पूछा कि बाबा कैसे हैं. सुषमा ने कहा कि दोनों सुहागनों को एक विधवा की तरह पेश किया गया. जाधव की मां अपने बेटे से मराठी में बात करना चाहती थी. जब वो बात करती थी, तो इंटरकोम को बंद किया गया.  

5. जानबूझ कर रोकी गई मां-पत्नी की कार

भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को बिना बताए, परिवार को पीछे के दरवाजे से ले जाया गया. मुलाकात के बाद जो कार दी गई थी उसे जानबूझकर रोक कर रखा गया ताकि वहां की मीडिया परेशान कर सके. कटाक्ष कर सकें.

6. जूते में चिप-रिकॉर्डर की बात करना बेइंतहां झूठ

जाधव की पत्नी के जूते उतरवा दिए गए थे. बार-बार मांगने पर भी जूते वापस नहीं दिए गए. वे शरारत करने वाले थे, इसलिए नोट में भेज दिया गया था. अब ये सच साबित रहा है कि जूते में कैमरा था, मेटल था. पाकिस्तान में जाने से पहले एयरपोर्ट पर दो जगह मां और पत्नी की चैकिंग हुई, तो क्या जब कोई चिप नहीं दिखाई दी. पूरा सदन पाकिस्तान के इस व्यवहार की निंदा करता है.

विपक्ष ने किया सरकार का समर्थन

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जाधव पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वो झूठे और फर्जी हैं. पाकिस्तान में कोई लोकतंत्र नहीं है, हम पाकिस्तान को अच्छी तरीके से जानते हैं. जाधव की मां-पत्नी के साथ जो भी हुआ है, वो अपमान पूरा देश का है. कांग्रेस के अलावा अन्य सभी पार्टियों ने भी सरकार के बयान का समर्थन दिया.

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