दिल्ली : आप विधायक दोषी करार, विस सदस्यता खतरे में

युवक पर धारदार हथियार से हमले के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एक अदालत ने दिल्ली के तुगलकाबाद से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सहीराम पहलवान समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया है। जिन धाराओं में विधायक को दोषी ठहराया गया है, उनमें उन्हें अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है।युवक पर धारदार हथियार से हमले के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एक अदालत ने दिल्ली के तुगलकाबाद से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सहीराम पहलवान समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया है। जिन धाराओं में विधायक को दोषी ठहराया गया है, उनमें उन्हें अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है।  कानूनविदों के अनुसार, यदि उन्हें दो साल से अधिक की सजा होती है तो उनकी विधानसभा की सदस्यता रद हो जाएगी। अदालत ने सजा पर बहस के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है।  कोर्ट ने कहा कि पीड़ित योगेंद्र बिधुर पर हुए हमले को अभियोजन पक्ष साबित करने में सफल रहा है। जब पीड़ित दवा खरीदने जा रहे थे तो उनपर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसमें उन्हें कुछ चोटें भी आईं। वहीं, दोषियों ने कोर्ट में खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि उन्हें बेवजह फंसाया गया है। जिस वक्त कथित झगड़ा हुआ, वे मौके पर भी नहीं थे।  यह है मामला : तेहखंड निवासी योगेंद्र बिधुर की शिकायत पर दर्ज केस के मुताबिक, उनके घर के पास सीमेंट की पक्की सड़क बन रही थी। विधायक सहीराम ने 18 सितंबर 2016 की रात को सड़क बना रहे सुपरवाइजर को धमकाया और काम बंद करने को कहा। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्होंने विधायक को फोन किया।   DCW ने पहाड़गज के होटल से 39 लड़कियों को छुड़ाया, देह व्यापार में थी धकेलने की तैयारी यह भी पढ़ें  वह जानना चाहते थे कि आखिर क्यों उनके घर के पास सड़क बनने से रोकी जा रही है? इसपर विधायक ने उन्हें भयानक परिणाम भुगतने की धमकी दी। इतना ही नहीं, अगले दिन 19 सितंबर को जब वह रिश्तेदार के साथ घर के पास ही दवा लेने जा रहे थे, तब विधायक ने अपने साथियों के साथ उनपर हमला बोल दिया।

कानूनविदों के अनुसार, यदि उन्हें दो साल से अधिक की सजा होती है तो उनकी विधानसभा की सदस्यता रद हो जाएगी। अदालत ने सजा पर बहस के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है।

कोर्ट ने कहा कि पीड़ित योगेंद्र बिधुर पर हुए हमले को अभियोजन पक्ष साबित करने में सफल रहा है। जब पीड़ित दवा खरीदने जा रहे थे तो उनपर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसमें उन्हें कुछ चोटें भी आईं। वहीं, दोषियों ने कोर्ट में खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि उन्हें बेवजह फंसाया गया है। जिस वक्त कथित झगड़ा हुआ, वे मौके पर भी नहीं थे।

यह है मामला : तेहखंड निवासी योगेंद्र बिधुर की शिकायत पर दर्ज केस के मुताबिक, उनके घर के पास सीमेंट की पक्की सड़क बन रही थी। विधायक सहीराम ने 18 सितंबर 2016 की रात को सड़क बना रहे सुपरवाइजर को धमकाया और काम बंद करने को कहा। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्होंने विधायक को फोन किया।

वह जानना चाहते थे कि आखिर क्यों उनके घर के पास सड़क बनने से रोकी जा रही है? इसपर विधायक ने उन्हें भयानक परिणाम भुगतने की धमकी दी। इतना ही नहीं, अगले दिन 19 सितंबर को जब वह रिश्तेदार के साथ घर के पास ही दवा लेने जा रहे थे, तब विधायक ने अपने साथियों के साथ उनपर हमला बोल दिया।

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