दिल्ली की 11 मौतों के पीछे का रहस्य बरकरार, 8 लिंक अब भी मिसिंग

दिल्ली के साथ देशभर के लोगों को दहला देने वाले बुराड़ी फांसीकांड का पूरा एक महीना हो चुका है, लेकिन जांच में जुटी पुलिस अब भी कई सवालों को नहीं सुलझा पाई है। हालांकि, कहा तो यही जा रहा है कि पुलिस की जांच अपने आखिरी चरण में है, लेकिन उसे कई सवालों के जवाब भाटिया परिवार के बाकी बचे दो सदस्यों को भी देने हैं, जिन्होंने पुलिस जांच पर कई बार सवाल उठाए हैं। घटनाक्रम में कई लिंक अब भी मिसिंग ही हैं।दिल्ली के साथ देशभर के लोगों को दहला देने वाले बुराड़ी फांसीकांड का पूरा एक महीना हो चुका है, लेकिन जांच में जुटी पुलिस अब भी कई सवालों को नहीं सुलझा पाई है। हालांकि, कहा तो यही जा रहा है कि पुलिस की जांच अपने आखिरी चरण में है, लेकिन उसे कई सवालों के जवाब भाटिया परिवार के बाकी बचे दो सदस्यों को भी देने हैं, जिन्होंने पुलिस जांच पर कई बार सवाल उठाए हैं। घटनाक्रम में कई लिंक अब भी मिसिंग ही हैं।   सवाल-1  दिल्ली के बुराड़ी में हुए 11 मौतों के मामले में  पुलिस जांच के दौरान मिले रजिस्टर से एक अहम खुलासा हुआ था। घर से बरामद रजिस्टर में लिखी बातों पता चला था कि ललित अपने पिता के अलावा चार अन्य लोगों की आत्मा को मुक्ति दिलाना चहता था। ऐसा अंदेशा है कि घटना वाली रात इसीलिए भी इस क्रिया की तैयारी की गई थी। रजिस्टर के नोट में यह भी लिखा है कि ललित के पिता के पिता की आत्मा के साथ अन्य चार आत्मा भी मोक्ष के लिए भटक रहीं हैं। इन्हें तभी मोक्ष मिलेगा जब तुम सब हरिद्वार जाकर इनका धार्मिक संस्कार करोगे। नोट में यह चार आत्माएं सज्जन सिंह, हीरा, गंगा देवी व दयानंद की बताई गई है। सज्जन सिंह ललित की पत्नी टीना के पिता हैं। हीरा ललित की बहन प्रतिभा के पति हैं। नोट 19 जुलाई 2015 को लिखा गया है। पुलिस अब तक यह नहीं पता लगा पाई है कि ये चार लोग कौन थे?   बुराड़ी फांसीकांड में सामने आया सनसनीखेज खत, क्या 11 मौतों के पीछे किसी तांत्रिक का हाथ है यह भी पढ़ें   सवाल-2   11 मौतों पर परिवार की सदस्य ने कहा- नहीं था बाबाओं पर भरोसा, अध्यात्म का एंगल भी ठुकराया यह भी पढ़ें बच्चा हो, जवान या फिर बूढ़ा हर कोई किसी न किसी से अपनी बातें जरूर शेयर करता है, लेकिन पुलिस जांच में अब तक यह नहीं बता चला है कि इन्होंने तथाकथित मोक्ष अनुष्ठान की बातें किसी को बताई हों। मनोचिकित्सक भी मानते हैं कि यह असंभव है कि परिवार के 11 सदस्यों में से किसी ने भी अपने खास को यह बात नहीं बताई हो। इनमें तो तो किशोर थे।   सवाल-3   बुराड़ी फांसीकांडः धीरे-धीरे ही सही अपनी खामोशी तोड़ रही 11 मौतों वाली वह गली यह भी पढ़ें भाटिया परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था। लोगों को बिल्कुल भी नहीं होता कि सामान्य सा दिखने वाला परिवार एक दिन ऐसा कदम उठा लेगा। लोगों का मानना है कि परिवार के लोग ऐसे नहीं थे। खासकर प्रियंका जिसकी कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी और इस दौरान अपने रिश्तेदारों के साथ वह भी नाची थी। यह सवाल भी हैरान और परेशान कर रहा है कि शादी की तैयारी में जुटी प्रियंका आखिर कैसे मौत को गले लगा सकती है या फिर कैसे ललित के कहने पर इतना बड़ा कदम उठा सकती थी?  सवाल-4   बुराड़ी कांडः 11 मौतों के बाद उदास था 'वह', जुदाई न सह सका तो तोड़ दिया दम यह भी पढ़ें पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या करने वाली प्रतिभा के गले पर कटे के निशान थे। परिवारवालों का दावा था कि जिस प्रकार नारायणी देवी का शव मिला उससे लगता है कि उनका गला बेल्‍ट से दबाया गया जबकि प्रतिभा के गले पर कटे का निशान था। ऐसा लगता है कि उसका पहले गला काटा गया फिर फंदे में लटका दिया गया। हालांकि, पुलिस ने पोस्टमार्टम के आधार पर कहा था कि प्रतिभा ने भी फांसी ही लगाई थी। यह सवाल परिवार के अब भी सवाल ही बना हुआ है।  सवाल-5 परिवार ने यह भी दावा किया था कि ललित का हाथ जिस रस्‍सी से बंधा था वह ढीली थी। परिवार के सदस्‍यों ने  अंत्‍येष्टि की रस्‍म पूरी करने के बाद दिल्‍ली पुलिस के वरिष्‍ठ अफसरों से मुलाकात भी थी, लेकिन इसका जवाब अब भी नहीं मिला है।

सवाल-1

दिल्ली के बुराड़ी में हुए 11 मौतों के मामले में  पुलिस जांच के दौरान मिले रजिस्टर से एक अहम खुलासा हुआ था। घर से बरामद रजिस्टर में लिखी बातों पता चला था कि ललित अपने पिता के अलावा चार अन्य लोगों की आत्मा को मुक्ति दिलाना चहता था। ऐसा अंदेशा है कि घटना वाली रात इसीलिए भी इस क्रिया की तैयारी की गई थी। रजिस्टर के नोट में यह भी लिखा है कि ललित के पिता के पिता की आत्मा के साथ अन्य चार आत्मा भी मोक्ष के लिए भटक रहीं हैं। इन्हें तभी मोक्ष मिलेगा जब तुम सब हरिद्वार जाकर इनका धार्मिक संस्कार करोगे। नोट में यह चार आत्माएं सज्जन सिंह, हीरा, गंगा देवी व दयानंद की बताई गई है। सज्जन सिंह ललित की पत्नी टीना के पिता हैं। हीरा ललित की बहन प्रतिभा के पति हैं। नोट 19 जुलाई 2015 को लिखा गया है। पुलिस अब तक यह नहीं पता लगा पाई है कि ये चार लोग कौन थे?

सवाल-2

बच्चा हो, जवान या फिर बूढ़ा हर कोई किसी न किसी से अपनी बातें जरूर शेयर करता है, लेकिन पुलिस जांच में अब तक यह नहीं बता चला है कि इन्होंने तथाकथित मोक्ष अनुष्ठान की बातें किसी को बताई हों। मनोचिकित्सक भी मानते हैं कि यह असंभव है कि परिवार के 11 सदस्यों में से किसी ने भी अपने खास को यह बात नहीं बताई हो। इनमें तो तो किशोर थे। 

सवाल-3

भाटिया परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था। लोगों को बिल्कुल भी नहीं होता कि सामान्य सा दिखने वाला परिवार एक दिन ऐसा कदम उठा लेगा। लोगों का मानना है कि परिवार के लोग ऐसे नहीं थे। खासकर प्रियंका जिसकी कुछ दिन पहले ही सगाई हुई थी और इस दौरान अपने रिश्तेदारों के साथ वह भी नाची थी। यह सवाल भी हैरान और परेशान कर रहा है कि शादी की तैयारी में जुटी प्रियंका आखिर कैसे मौत को गले लगा सकती है या फिर कैसे ललित के कहने पर इतना बड़ा कदम उठा सकती थी?

सवाल-4

पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या करने वाली प्रतिभा के गले पर कटे के निशान थे। परिवारवालों का दावा था कि जिस प्रकार नारायणी देवी का शव मिला उससे लगता है कि उनका गला बेल्‍ट से दबाया गया जबकि प्रतिभा के गले पर कटे का निशान था। ऐसा लगता है कि उसका पहले गला काटा गया फिर फंदे में लटका दिया गया। हालांकि, पुलिस ने पोस्टमार्टम के आधार पर कहा था कि प्रतिभा ने भी फांसी ही लगाई थी। यह सवाल परिवार के अब भी सवाल ही बना हुआ है।

सवाल-5
परिवार ने यह भी दावा किया था कि ललित का हाथ जिस रस्‍सी से बंधा था वह ढीली थी। परिवार के सदस्‍यों ने  अंत्‍येष्टि की रस्‍म पूरी करने के बाद दिल्‍ली पुलिस के वरिष्‍ठ अफसरों से मुलाकात भी थी, लेकिन इसका जवाब अब भी नहीं मिला है।

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