दिल्ली: गो-रक्षा के नाम पर लोगों की हत्याओं के बीच 48 गायों की भूख और बीमारी से मौत

गो-रक्षा के नाम पर लोगों की हत्या की खबरों के बीच दिल्ली में ऐसी घटना हुई है जो आपका दिल दहला सकता है. राष्ट्रीय राजधानी के धूमनहेड़ा स्थित एक गोशाला में खाने की कमी और बीमारियों की वजह से कम से कम 48 गायों की मौत हो गई. कल तक 36 गायों के मरने की खबर थी. गायों के मरने के बाद गोशाला में कई दिनों तक शव पड़ा रहा. खबर दिखाए जाने के बाद आज एमसीडी की टीम शवों को उठाने पहुंची.गो-रक्षा के नाम पर लोगों की हत्या की खबरों के बीच दिल्ली में ऐसी घटना हुई है जो आपका दिल दहला सकता है. राष्ट्रीय राजधानी के धूमनहेड़ा स्थित एक गोशाला में खाने की कमी और बीमारियों की वजह से कम से कम 48 गायों की मौत हो गई. कल तक 36 गायों के मरने की खबर थी. गायों के मरने के बाद गोशाला में कई दिनों तक शव पड़ा रहा. खबर दिखाए जाने के बाद आज एमसीडी की टीम शवों को उठाने पहुंची.   केजरीवाल सरकार ने गोशाला में डॉक्टरों की टीम भेजी है. सुबह एमसीडी के सफाई कर्मचारी मौके पर तैनात दिखे. खाने-पीने को लेकर खल-चारा मंगाया गया. एबीपी न्यूज़ जब पूरे मामले की तहकीकात करने पहुंची तो गोशाला संचालकों ने अंदर जाने से रोका. गांव वालों ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि अगर पहले गोशाला में साफ सफाई हुई होती तो आज ये तस्वीर नहीं होती.      आपको बता दें कि गोशाला की देख रेख करने वालों के बीच विवाद चल रहा है. आश्रम की देख रेख की ज़िम्मेदारी गुरु छाया नाम की महिला की थी जिसपर विवाद है कि पैसे ग़बन करती गयी. 2015 से अश्रम की देखभाल कर रहे श्यामा ने कहा कि गांववालों से विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने आश्रम की देखरख गत 15 जुलाई को छोड़ दी थी.   अलवर लिंचिंग: रकबर के दोस्त का दावा, गो-रक्षकों की भीड़ 'बीजेपी MLA हमारे साथ है' चिल्ला रही थी   इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में गोरक्षा के नाम पर राजस्थान के अलवर में रकबर खान की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस भी सवालों के घेरे में है. 2017 से लेकर अब तक गो-रक्षा के नाम पर  34 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर चुकी है और 69 केस दर्ज किये गये हैं

केजरीवाल सरकार ने गोशाला में डॉक्टरों की टीम भेजी है. सुबह एमसीडी के सफाई कर्मचारी मौके पर तैनात दिखे. खाने-पीने को लेकर खल-चारा मंगाया गया. एबीपी न्यूज़ जब पूरे मामले की तहकीकात करने पहुंची तो गोशाला संचालकों ने अंदर जाने से रोका. गांव वालों ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि अगर पहले गोशाला में साफ सफाई हुई होती तो आज ये तस्वीर नहीं होती.

आपको बता दें कि गोशाला की देख रेख करने वालों के बीच विवाद चल रहा है. आश्रम की देख रेख की ज़िम्मेदारी गुरु छाया नाम की महिला की थी जिसपर विवाद है कि पैसे ग़बन करती गयी. 2015 से अश्रम की देखभाल कर रहे श्यामा ने कहा कि गांववालों से विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने आश्रम की देखरख गत 15 जुलाई को छोड़ दी थी.

इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में गोरक्षा के नाम पर राजस्थान के अलवर में रकबर खान की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस भी सवालों के घेरे में है. 2017 से लेकर अब तक गो-रक्षा के नाम पर  34 लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर चुकी है और 69 केस दर्ज किये गये हैं

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