दिल्ली में जगह-जगह लगे केजरीवाल की ‘नौटंकी’ वाले पोस्टर, देखेंगे तो हंसेंगे जरूर…

उपराज्यपाल के दफ्तर में लगातार नौ दिन तक अपने सहयोगी मंत्रियों के साथ धरना देकर चर्चा में आए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर अब कटाक्ष का दौरान शुरू हो गया है। आलम यह है कि केजरीवाल के धरने पर आम जनता से लेकर सोशल मीडिया तक में कटाक्ष हो रहा है तो अब मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतीकात्मक ढंग से ही सही हमला तेज कर दिया है। थोड़ी देर बाद बेंगलुरु रवाना होंगे केजरीवाल   एक ओर नौ दिनों तक उपराज्यपाल दफ्तर में धरना देने के दौरान बीमार अरविंद केजरीवाल अगले 10 दिनों के लिए इलाज कराने बेंगलुरू जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, थोड़ी देर बाद 3ः25 बजे उनकी बेंगलुुरु की फ्लाइट है। जानकारी सामने आ रही है कि इलाज के लिए बेंगलुरू रवाना होने से पहले केजरीवाल ने आइएएस अधिकारियों के साथ बैठक भी की। हालांकि, इससे पहले खबर थी कि खराब स्वास्थ्य के चलते सभी सरकारी बैठकें रद कर दी गई हैं।  बताया जा रहा है कि देश राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और उसके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का धरना तो खत्म हो गया है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। जानकारी सामने आई है कि केजरीवाल सरकार से चार माह से चल रही तनातनी के बाद नौकरशाहों ने बुधवार से बैठकों में भाग लेना शुरू कर दिया है, लेकिन नौकरशाहों का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रति लंच के समय 5 मिनट का मौन व्रत भी जारी है। इस कड़ी में बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय सहित कई अन्य सरकारी विभागों में मौन रखकर विरोध किया गया। शामनाथ मार्ग स्थित कार्यालय में मौन व्रत में मंडलायुक्त मनीषा सक्सेना भी शामिल हुईं।  बता दें कि उपराज्यपाल की पहल पर अधिकारी मंगलवार से ही सरकार की बैठकों में शामिल होना शुरू कर दिए हैं। बुधवार को इसका असर भी दिखा। सभी मंत्रियों की बैठकों में अधिकारी पहुंचे। पर्यावरण सचिव के बैठक में नहीं पहुंचने से अभी तक परेशान रहे पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने भी बुधवार को बैठक की। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की बैठक में भी सभी आइएएस व दानिक्स अधिकारी पहुंचे। वहीं सत्येंद्र जैन ने बुधवार को लगातार कई बैठकें अधिकारियों के साथ कीं। राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार को ही अधिकारियों के साथ बैठक की थी।

वहीं, बृहस्पतिवार को भाजपा-अकाली गठबंधन से विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली के विभिन्न  इलाकों में एक रोचक पोस्टर लगवाया है। इस पोस्टर पर लिखा है- ‘नौटकीं और खलल डालने के लिए संपर्क करें।

दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लगे पोस्टरों पर लिखा है- ‘9 दिन नौटंकी कंपनी (प्रा) लि. नौटंकी और खलल डालने के लिए संपर्क करें।’ इतना ही नहीं, पोस्टर में कलाकार के तौर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम लिखा गया है। पोस्टर में जो पता दिया गया है वह वेटिंग रूम, एलजी हाउस और ब्रांच ऑफिस के रूप में बेंगलुरु स्थित जिंदल नेचरकेयर इंस्टीट्यूट का जिक्र है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल शुगर बढ़ा होने का इलाज कराने के लिए बेंगलुरु जा रहे हैं, वे अगले 10 दिनों तक वहां पर स्वास्थ्य लाभ लेंगे।

भाजपा-अकाली विधायक सिरसा की मानें तो अरविंद केजरीवाल बीमारी का बहाना बनाकर सचिवालय स्थित अपने दफ्तर नहीं आए। लेकिन उसी दिन शाम में वह ईद मिलन कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंच गए। यह सरासर केजरीवाल की नौटंकी है।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की धरने की सियासत इस बार काम नहीं आई। यही वजह रही कि केजरीवाल को बिना कुछ हासिल हुए 9वें दिन राजनिवास के प्रतीक्षालय से धरना खत्म कर बैरंग लौटना पड़ा।

थोड़ी देर बाद बेंगलुरु रवाना होंगे केजरीवाल 

एक ओर नौ दिनों तक उपराज्यपाल दफ्तर में धरना देने के दौरान बीमार अरविंद केजरीवाल अगले 10 दिनों के लिए इलाज कराने बेंगलुरू जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, थोड़ी देर बाद 3ः25 बजे उनकी बेंगलुुरु की फ्लाइट है। जानकारी सामने आ रही है कि इलाज के लिए बेंगलुरू रवाना होने से पहले केजरीवाल ने आइएएस अधिकारियों के साथ बैठक भी की। हालांकि, इससे पहले खबर थी कि खराब स्वास्थ्य के चलते सभी सरकारी बैठकें रद कर दी गई हैं।

बताया जा रहा है कि देश राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और उसके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का धरना तो खत्म हो गया है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। जानकारी सामने आई है कि केजरीवाल सरकार से चार माह से चल रही तनातनी के बाद नौकरशाहों ने बुधवार से बैठकों में भाग लेना शुरू कर दिया है, लेकिन नौकरशाहों का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रति लंच के समय 5 मिनट का मौन व्रत भी जारी है। इस कड़ी में बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय सहित कई अन्य सरकारी विभागों में मौन रखकर विरोध किया गया। शामनाथ मार्ग स्थित कार्यालय में मौन व्रत में मंडलायुक्त मनीषा सक्सेना भी शामिल हुईं।

बता दें कि उपराज्यपाल की पहल पर अधिकारी मंगलवार से ही सरकार की बैठकों में शामिल होना शुरू कर दिए हैं। बुधवार को इसका असर भी दिखा। सभी मंत्रियों की बैठकों में अधिकारी पहुंचे। पर्यावरण सचिव के बैठक में नहीं पहुंचने से अभी तक परेशान रहे पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने भी बुधवार को बैठक की। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की बैठक में भी सभी आइएएस व दानिक्स अधिकारी पहुंचे। वहीं सत्येंद्र जैन ने बुधवार को लगातार कई बैठकें अधिकारियों के साथ कीं। राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार को ही अधिकारियों के साथ बैठक की थी।

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