दुनिया के सबसे ऊंचे गांव का रिकॉर्ड लिए हुए इस गांव की सैर रहेगी कुछ अलग और खास

इंडिया में पहाड़ों, बीच और रेगिस्तानों के अलावा भी कई सारी ऐसी जगहें हैं जहां की खूबसूरती, और इतिहास को जानना यादगार एक्सपीरियंस साबित होगा। हिमाचल में स्पीति ऐसी ही खूबसूरत जगहों में शामिल है जिसकी दीवानगी लेह-लद्दाख से कम नहीं। और यहीं बसता है एक छोटा सा गांव कौमिक। तो अगर आप स्पीति घूमने जा रहे हैं तो बेहतर होगा कि कौमिक गांव घूमने के लिए भी समय निकालकर जाएं। समुद्र तल से लगभग 15,027 फीट की ऊंचाई पर बसा यह दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है।   इंडिया में पहाड़ों, बीच और रेगिस्तानों के अलावा भी कई सारी ऐसी जगहें हैं जहां की खूबसूरती, और इतिहास को जानना यादगार एक्सपीरियंस साबित होगा। हिमाचल में स्पीति ऐसी ही खूबसूरत जगहों में शामिल है जिसकी दीवानगी लेह-लद्दाख से कम नहीं। और यहीं बसता है एक छोटा सा गांव कौमिक। तो अगर आप स्पीति घूमने जा रहे हैं तो बेहतर होगा कि कौमिक गांव घूमने के लिए भी समय निकालकर जाएं। समुद्र तल से लगभग 15,027 फीट की ऊंचाई पर बसा यह दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है।      गांव की खूबसूरती  कौमिक गांव का आकार एक बड़े कटोरे जैसा है। गांव दो भागों में बंटा नज़र आता है। एक भाग में आपको बिल्कुल छोटे आसपास सटे हुए घर देखने को मिलेंगे और दूसरे भाग में थोड़े बड़े घर। गांव के मुख्य द्वार पर गोंपा मोनेस्ट्री है जिसके बारे में लोगों का कहना है कि ये लगभग 500 साल पुरानी है। दिन में दो बार मोनेस्ट्री में प्रार्थना सभा होती है और इस दौरान औरतें को अंदर जाने की इजाजत नहीं होती। बहुत ही कलरफुल इस मोनेस्ट्री के अंदर लामा (मोनेस्ट्री के मॉन्क) रहते हैं।   टूरिस्ट डेस्टिनेशन से कम खूबसूरत नहीं भारत के ये गांव, शहर के शोर से दूर मिलेगी यहां शांति यह भी पढ़ें काफी ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से गांव तक पहुंचने में आपको ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। इसके अलावा एक और जो सबसे बड़ा चैलेंज है वो है यहां का मौसम, जहां जून जैसी भयंकर गर्मी में भी तापमान 7-9 डिग्री ही रहता है। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यहां कई सारे ऑप्शन हैं। छोटे-बड़े पहाड़, जो हाइकिंग के लिए परफेक्ट हैं जिन्हें आप कैमरे में भी कैद कर सकते हैं। यहां रहने वाले लोग पूरी तरह से जानवरों पर निर्भर है। यहां की संस्कृति भी इस गांव को जानने की उत्सुकता पैदा करती है। जिसकी वजह से यहां आने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।

गांव की खूबसूरती

कौमिक गांव का आकार एक बड़े कटोरे जैसा है। गांव दो भागों में बंटा नज़र आता है। एक भाग में आपको बिल्कुल छोटे आसपास सटे हुए घर देखने को मिलेंगे और दूसरे भाग में थोड़े बड़े घर। गांव के मुख्य द्वार पर गोंपा मोनेस्ट्री है जिसके बारे में लोगों का कहना है कि ये लगभग 500 साल पुरानी है। दिन में दो बार मोनेस्ट्री में प्रार्थना सभा होती है और इस दौरान औरतें को अंदर जाने की इजाजत नहीं होती। बहुत ही कलरफुल इस मोनेस्ट्री के अंदर लामा (मोनेस्ट्री के मॉन्क) रहते हैं।

काफी ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से गांव तक पहुंचने में आपको ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। इसके अलावा एक और जो सबसे बड़ा चैलेंज है वो है यहां का मौसम, जहां जून जैसी भयंकर गर्मी में भी तापमान 7-9 डिग्री ही रहता है। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए यहां कई सारे ऑप्शन हैं। छोटे-बड़े पहाड़, जो हाइकिंग के लिए परफेक्ट हैं जिन्हें आप कैमरे में भी कैद कर सकते हैं। यहां रहने वाले लोग पूरी तरह से जानवरों पर निर्भर है। यहां की संस्कृति भी इस गांव को जानने की उत्सुकता पैदा करती है। जिसकी वजह से यहां आने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। 

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