दून में भारी बारिश से बादल फटने जैसे हालात, घर और दुकानों के अंदर घुसा पानी

मानसून की मूसलाधार बारिश डरा रही है। मंगलवार शाम करीब सवा पांच बजे से सवा छह बजे के बीच एक घंटा जमकर बारिश हुई। मात्र एक घंटे में घंटाघर सहित आसपास क्षेत्र में 72.3 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। जिससे बादल फटने जैसे हालात पैदा हो गए। इससे पहले शहर में सुबह सात बजे से शाम सवा पांच बजे के बीच भी 74.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 

मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून में भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की थी। लेकिन सुबह सात बजे से 10 बजे तक कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद बारिश थमने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शाम चार बजे से शहर के ऊपर घने काले बादल छाने लगे। 

साढ़े चार बजे के आसपास कुछ क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। पांच बजे से शहर के बल्लूपुर, माजरा, आइएसबीटी, पटेलनगर, कारगी, बंजारावाला, सहारनपुर चौक, प्रिंस चौक, बुद्धा चौक, राजपुर रोड, चकराता रोड, बिंदाल पुल, गोविंदगढ़, जोगीवाला सहित कई अन्य इलाकों में भारी बारिश हुई। इस एक घंटे के दौरान भारी बारिश से घंटाघर क्षेत्र में चारों तरफ पानी-पानी हो गया।

मूसलाधार बारिश के बीच हल्का कोहरा छाने से वाहन चलाने में दिक्कत आई। उधर, बिंदाल एवं रिस्पना नदी भी उफान पर आ गईं। मंगलवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 31.9 एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 24.0 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया गया। 

आज राज्य में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के बताया कि आने वाले चौबीस घंटे में कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मसूरी एवं देहरादून में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। एक-दो दौर तेज बारिश हो सकती हैं। इस दौरान तापमान 31 व 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 

दून में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया। कई इलाकों में बादल फटने जैसी बारिश ने लोगों को दहशत में डाल दिया। बारिश का पानी सड़कों और गलियों पर बाढ़ की तरह दिखाई दिया। जलभराव की जद में आने वाली कॉलोनियों में अफरा-तफरी की स्थिति रही। घर और दुकानों के अंदर तक पानी घुसने से लोगों को नुकसान भी हुआ।

मंगलवार को सुबह रिमझिम बारिश के बीच कई बार धूप भी खिलती रही। मगर, शाम को हुई मूसलाधार बारिश शहर पर आफत बनकर बरसी। बारिश से शहर की मुख्य सड़कों से लेकर लिंक मार्ग और गलियां तक तालाब में तब्दील हो गईं। गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। उधर, रिस्पना, बिंदाल नदी में उफान के कारण किनारों पर रहने वाले लोग दहशत में आ गए।

राजपुर रोड यूकेलिप्टस चौराहा, एस्लेहॉल, कनकचौक, घंटाघर, इंद्रमणि बड़ोनी की मूर्ति के सामने, दर्शनलाल चौक, बुद्धा चौक, तहसील चौक, प्रिंस चौक, कांवली रोड, हरिद्वार रोड, जीएमएस रोड, निरंजपुर मंडी, आइएसबीटी, मोहकमपुर, रिस्पना, नेहरू कॉलोनी, रेसकोर्स में सड़कें पानी भरने से तालाब में तब्दील हो गई। 

बारिश में फंसी रही आपदा टीम

घर और दुकानों में पानी भरने की सूचना पर लोगों ने आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दी। आपदा प्रबंधन दल, नगर निगम और फायर सर्विस की टीमें भेजी गईं, लेकिन सड़कें जलमग्न होने से टीमें घंटों फंसी रहीं। बंजारावाला और पटेलनगर तक पहुंचने में टीम को पौन घंटे से एक घंटे का समय लगा। 

पूर्व विधायक भी फंसे 

डालनवाला क्षेत्र में बारिश से अधिकांश सड़कें जलमग्न हो गई। यहां पूर्व विधायक राजकुमार लोगों की मदद करने के लिए निकले। मगर, उनका वाहन भी फंस गया। 

जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने बताया कि मौसम विभाग ने बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं दिया था। अचानक हुई बारिश से शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न हो गया। बारिश से बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। जलभराव वाले इलाकों से पानी की निकासी कराई जा रही है। 

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