देश के नामी अस्पताल समूह का नाता नीरव मोदी से

हरियाणा के रेवाड़ी में एक अस्पताल समूह के तार भगोड़े नीरव मोदी से जुड़े पाए गए है. आयकर विभाग के छापे में 22 लाख रुपये नगद बरामद होने के बार ये बात सामने आई है कि समूह ने गहने खरीदने के लिए नीरव मोदी की फर्म से कुछ सौदेबाजी की थी. आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टैक्स डिपार्टमेंट ने कलावती अस्पताल और कमला नर्सिंग होम, उसके मुख्य साझेदार डॉ. गौतम यादव और अन्य के आवास की तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि गौतम यादव स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव की बहन डॉ. नीलम यादव के बेटे हैं.हरियाणा के रेवाड़ी में एक अस्पताल समूह के तार भगोड़े नीरव मोदी से जुड़े पाए गए है. आयकर विभाग के छापे में 22 लाख रुपये नगद बरामद होने के बार ये बात सामने आई है कि समूह ने गहने खरीदने के लिए नीरव मोदी की फर्म से कुछ सौदेबाजी की थी. आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टैक्स डिपार्टमेंट ने कलावती अस्पताल और कमला नर्सिंग होम, उसके मुख्य साझेदार डॉ. गौतम यादव और अन्य के आवास की तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि गौतम यादव स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव की बहन डॉ. नीलम यादव के बेटे हैं.    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "तीन परिसरों की तलाशी आयकर विभाग की हरियाणा जांच शाखा की टीमों द्वारा की जा रही हैं. करीब 40 टैक्स अफसरों की टीम और पुलिसकर्मियों की एक टीम ने इस काम में हिस्सा लिया है." अधिकारियों ने नीरव मोदी ग्रुप से मिली सूचनाओं के आधार यह कार्रवाई की है. उन्होंने बताया कि तलाशी के दायरे में डॉ. नरेंद्र सिंह यादव भी थे और यादव परिवार के यहां से 22 लाख रुपये मिले. एक अधिकारी ने कहा, "किसी भी व्यक्ति के हाथों में वर्तमान नकद सीमा दो लाख रुपये है और 22 लाख रुपये की इस नकद राशि के स्रोत की जांच की जा रही है."    योगेंद्र यादव ने इस मामले में कहा, "सवाल यह है कि क्या यह राशि बिना किसी लेखा-जोखा की है? मैं अस्पतालों के खातों के बारे में नहीं जानता." योगेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें धमकाने और उनका मुंह बंद करने की मंशा से छापे मारे गए हैं क्योंकि उन्होंने किसानों के लिए उचित फसल दाम के लिए तथा हरियाणा में उस शहर में शराब की दुकानों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “तीन परिसरों की तलाशी आयकर विभाग की हरियाणा जांच शाखा की टीमों द्वारा की जा रही हैं. करीब 40 टैक्स अफसरों की टीम और पुलिसकर्मियों की एक टीम ने इस काम में हिस्सा लिया है.” अधिकारियों ने नीरव मोदी ग्रुप से मिली सूचनाओं के आधार यह कार्रवाई की है. उन्होंने बताया कि तलाशी के दायरे में डॉ. नरेंद्र सिंह यादव भी थे और यादव परिवार के यहां से 22 लाख रुपये मिले. एक अधिकारी ने कहा, “किसी भी व्यक्ति के हाथों में वर्तमान नकद सीमा दो लाख रुपये है और 22 लाख रुपये की इस नकद राशि के स्रोत की जांच की जा रही है.”

योगेंद्र यादव ने इस मामले में कहा, “सवाल यह है कि क्या यह राशि बिना किसी लेखा-जोखा की है? मैं अस्पतालों के खातों के बारे में नहीं जानता.” योगेंद्र यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें धमकाने और उनका मुंह बंद करने की मंशा से छापे मारे गए हैं क्योंकि उन्होंने किसानों के लिए उचित फसल दाम के लिए तथा हरियाणा में उस शहर में शराब की दुकानों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था. 

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