देश पद्मावत में लगा रहा और पेट्रोल के दाम 77.53 रूपये लीटर तक पहुँच गए

भोपाल। देश पद्मावत विवाद में उलझा रहा और उधर केंद्र सरकार ने पेट्रोल के दाम छह महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिए। इंदौर में बुधवार को पेट्रोल 77.53 रूपये लीटर बिका जबकि डीजल 66.53 रूपये प्रति लीटर बेचा गया। अभी तो इस वृद्धि में राज्य सरकार द्वारा लगाया गया ‘सेस’ उपकर तो शामिल ही नहीं किया गया है।

बीते करीब दस दिनों से ईंधन के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इंदौर पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, डीजल के दाम 15 जनवरी को 64 रुपए 68 पैसे प्रति लीटर थे, 24 जनवरी को 66 रुपए 39 पैसे हो गए। छह महीनों में डीजल का यह उच्चतम स्तर है। पेट्रोल 77.53 पैसे पहुंच चुका है। इसके शीर्ष स्तर छूने में महज 40-50 पैसे की कमी है। खास बात यह है कि कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के लिए वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने को जिम्मेदार बताया जा रहा है। इस वृद्धि में अभी प्रदेश स्तर पर लागू हुआ उपकर यानी सेस शामिल नहीं हुआ है।

छह महीनों के उच्चतम स्तर पर
पेट्रोल-डीजल के दामों में देशव्यापी बढ़ोत्तरी से ईंधन छह महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इंदौर में बुधवार को डीजल 66 रुपए 39 पैसे जबकि पेट्रोल 77.53 रुपए प्रति लीटर बिका। मप्र में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अभी और इजाफा होगा। राज्य सरकार द्वारा थोपा गया अतिरिक्त उपकर इस कीमत में शामिल नहीं है। बजट से पहले ही इस बढ़ोत्तरी की भी उम्मीद की जा रही है।

50 पैसे नहीं एक प्रतिशत
बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने ईंधन पर 50 पैसे प्रति लीटर उपकर यानी सेस लगाने का निर्णय लिया था। अब साफ हो रहा है कि ईंधन पर लगने वाला सेस 50 पैसे प्रति लीटर न लगकर प्रतिशत के अनुपात में लागू होगा। ऐसे कीमतों में 70 पैसे से 1 रुपए तक की ओर बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। ईंधन पर पहली बार प्रदेश में सेस लगाया गया है। इस बारे में अध्यादेश जारी हो चुका है लेकिन नोटिफिकेशन आना बाकी है। अध्यादेश के मुताबिक टैक्सेबल टर्नओवर का एक प्रतिशत सेस लागू होना है। उम्मीद की जा रही है कि बजट के पहले ही इस बारे में नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। नोटिफिकेशन के जारी होते ही ईंधन की कीमतें और बढ़ जाएंगी।

 

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