देहरादून: कोर्ट ने सुनाई दुष्कर्मी को सजा ए मौत

देश में दुष्कर्मियों के खिलाफ सजा ए मौत की बढ़ती मांग के बीच जिला एवं सत्र न्यायधीश ने टिहरी के घनसाली क्षेत्र में 2016 में एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या करने के आरोपी को दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को सजा-ए-मौत सुनाई है. उत्तराखंड में टिहरी जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और फिर हत्या के दो साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सौतेले पिता को फांसी की सजा का ऐलान किया है. इसके साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.देहरादून: देश में दुष्कर्मियों के खिलाफ सजा ए मौत की बढ़ती मांग के बीच जिला एवं सत्र न्यायधीश ने टिहरी के घनसाली क्षेत्र में 2016 में एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या करने के आरोपी को दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को सजा-ए-मौत सुनाई है. उत्तराखंड में टिहरी जिला एवं सत्र न्यायालय ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और फिर हत्या के दो साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सौतेले पिता को फांसी की सजा का ऐलान किया है. इसके साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.  बता दें कि 2016 में घनसाली क्षेत्र में डेढ़ वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी. अपराधी ने जिस महिला से शादी की थी, उसके पहली शादी से तीन बच्चे थे. महिला को उसके पति ने दो वर्ष पूर्व छोड़ दिया था. शादी के बाद अभियुक्त ने महिला की सबसे छोटी बेटी के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी.    शुक्रवार को मामले में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों को पेश किया, जिसके बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए जिला जज ने पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी की धारा 302 में मृत्युदंड की सजा सुनाई. मृत्युदण्ड के साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया. गौरतलब है कि देश में नबलोगो से बढ़ते दुष्कर्म के खिलाफ सजा ए मौत की मांग और पास्को एक्ट में बदलाव को मंजूरी दी जा चुकी है.

बता दें कि 2016 में घनसाली क्षेत्र में डेढ़ वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी. अपराधी ने जिस महिला से शादी की थी, उसके पहली शादी से तीन बच्चे थे. महिला को उसके पति ने दो वर्ष पूर्व छोड़ दिया था. शादी के बाद अभियुक्त ने महिला की सबसे छोटी बेटी के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी. 

शुक्रवार को मामले में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों को पेश किया, जिसके बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए जिला जज ने पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी की धारा 302 में मृत्युदंड की सजा सुनाई. मृत्युदण्ड के साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया. गौरतलब है कि देश में नबलोगो से बढ़ते दुष्कर्म के खिलाफ सजा ए मौत की मांग और पास्को एक्ट में बदलाव को मंजूरी दी जा चुकी है. 

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