दो दिन के भीतर इस किताब ने पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर में बवाल कर दिया

‘द स्पाई क्रॉनिकल्सः रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूज़न ऑफ पीस’ नामक इस किताब को दो दिन पहले ही जारी किया गया था. दो दिन पहले विमोचित की गई इस किताब को लेकर विवाद गहराता जा रहा है और पूर्व रॉ चीफ एएस दुलत के साथ मिलकर किताब लिखने पर पूर्व आईएसआई चीप असद दुर्रानी को पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर पर तलब किया गया है. पाकिस्तानी आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने शुक्रवार को बताया कि दुर्रानी को 28 मई को जनरल हेडक्वार्टर बुलाया गया है जहां उनसे किताब में दिए गए अपने विचारों के लिए पूछताछ की जाएगी.'द स्पाई क्रॉनिकल्सः रॉ, आईएसआई एंड द इल्यूज़न ऑफ पीस' नामक इस किताब को दो दिन पहले ही जारी किया गया था. दो दिन पहले विमोचित की गई इस किताब को लेकर विवाद गहराता जा रहा है और पूर्व रॉ चीफ एएस दुलत के साथ मिलकर किताब लिखने पर पूर्व आईएसआई चीप असद दुर्रानी को पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर पर तलब किया गया है. पाकिस्तानी आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने शुक्रवार को बताया कि दुर्रानी को 28 मई को जनरल हेडक्वार्टर बुलाया गया है जहां उनसे किताब में दिए गए अपने विचारों के लिए पूछताछ की जाएगी.  इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन के चीफ मेजर जनरल गफूर ने कहा कि यो मिलिट्री कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है. एएस दुलत ने दुर्रानी को जनरल साहब के नाम से संबोधित किया है. उन्होंने किताब में लिखा है कि दो विरोधी देशों के पूर्व स्पाई मास्टर्स की ये कोशिश भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को अच्छा करने और संवाद को बढ़ावा देने की एक कोशिश है.  ये किताब पूर्व आईएसआई और रॉ चीफ के बीच अफगानिस्तान, परवेज़ मुशर्रफ, नवाज़ शरीफ, अजीत डोवाल, कुलभूषण जाधव, कश्मीर और नरेंद्र मोदी जैसे तमाम विषयों पर किए गए बातचीत का संग्रह है. दुर्रानी ने किताब में लिखा है कि ओसामा के खिलाफ अमेरिका द्वारा चलाए गए अभियान की पाकिस्तान को पूरी तरह से जानकारी थी. उन्होंने ये भी लिखा कि कुलभूषण जाधव के मामले को पाकिस्तान ने ठीक ढंग से हैंडिल नहीं किया. किताब ने वोमोचन के दो दिन के अंदर ही धमाका कर दिया है और विवाद जारी है.

इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन के चीफ मेजर जनरल गफूर ने कहा कि यो मिलिट्री कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है. एएस दुलत ने दुर्रानी को जनरल साहब के नाम से संबोधित किया है. उन्होंने किताब में लिखा है कि दो विरोधी देशों के पूर्व स्पाई मास्टर्स की ये कोशिश भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को अच्छा करने और संवाद को बढ़ावा देने की एक कोशिश है.

ये किताब पूर्व आईएसआई और रॉ चीफ के बीच अफगानिस्तान, परवेज़ मुशर्रफ, नवाज़ शरीफ, अजीत डोवाल, कुलभूषण जाधव, कश्मीर और नरेंद्र मोदी जैसे तमाम विषयों पर किए गए बातचीत का संग्रह है. दुर्रानी ने किताब में लिखा है कि ओसामा के खिलाफ अमेरिका द्वारा चलाए गए अभियान की पाकिस्तान को पूरी तरह से जानकारी थी. उन्होंने ये भी लिखा कि कुलभूषण जाधव के मामले को पाकिस्तान ने ठीक ढंग से हैंडिल नहीं किया. किताब ने वोमोचन के दो दिन के अंदर ही धमाका कर दिया है और विवाद जारी है.

 

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