नई पेंशन योजना: अरुण जेटली आज लॉन्च करेंगे, मिलेगा 8% ब्याज, और नहीं लगेगा जीएसटी

एक ऐसी पेंशन योजना जिसमें ब्याज 8 फीसदी की दर से मिलेगा और उस पर कोई जीएसटी, यानी माल एवं सेवाकर भी नहीं लगेगा, आज औपचारिक रूप से लॉन्च की जानी है. प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY-पीएमवीवीवाई) का लॉन्च वित्त मंत्री अरुण जेटली करेंगे. योजना की बेहतरीन बात यह है कि बचत पर आठ प्रतिशत की दर से नियत ब्याज मिलेगानई पेंशन योजना: अरुण जेटली आज लॉन्च करेंगे, मिलेगा 8% ब्याज, और जीएसटी भी नहीं लगेगा

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बता दें कि यह भारत सरकार द्वारा घोषित एक पेंशन योजना है जो 60 वर्ष और इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है. .

जानें इससे जुड़ी 10 खास बातें…

  1. भले ही औपचारिक रूप से यह योजना आज यानी 21 जुलाई को लॉन्च होने जा रही है लेकिन यह योजना 4 मई, 2017 से 3 मई, 2018 तक उपलब्ध रहेगी. और यही इसका पेंच है कि यह सीमित समय के लिए है. इसलिए यदि आप इसका लाभ लेना चाहते हैं तो जल्द से जल्द लेने की कोशिश करें. 
  2. यह योजना 10 साल के लिए 8 प्रतिशत प्रतिवर्ष मासिक देय (8.30 प्रतिशत प्रतिवर्ष प्रभावी के समतुल्य) का निश्चित रिटर्न सुनिश्चित कराती है.
  3. 10 साल की पॉलिसी अवधि के अंत तक पेंशनधारक के जीवित रहने पर योजना के क्रय मूल्य के साथ पेंशन की अंतिम किस्त का भुगतान किया जाएगा.
  4. तीन पॉलिसी वर्ष (नकदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए) के अंत में क्रय मूल्य के 75 प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति दी जाएगी. कर्ज के ब्याज का भुगतान पेंशन की किस्तों से किया जाएगा. ऋण की वसूली दावा प्रक्रिया से की जाएगी.
  5. पेंशन 10 साल की अवधि के दौरान पेंशनभोगियों की खरीद के समय चुने गये विकल्प के मुताबिक मासिक, तिमाही, छमाही, वार्षिक मिल सकता है
  6. इस योजना को सेवा कर और जीएसटी से छूट दी गई है.
  7. इस योजना को भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से (एलआईसी) ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है.
  8. इस योजना में स्वयं या पति या पत्नी की किसी भी गंभीर/टर्मिनल बीमारी के इलाज के लिए समयपूर्व निकासी की अनुमति भी है. ऐसे समयपूर्व निकासी के मामले में योजना क्रय मूल्य की 98 प्रतिशत राशि वापस की जाएगी.
  9. वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस योजना को चलाने की जिम्मेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम को दी गयी है.
  10. ब्याज की गारंटी और वास्तविक ब्याज के बीच अंतर तथा प्रशासनिक खर्च से संबद्ध लागत का भुगतान सरकार सब्सिडी के रूप में एलआईसी को करेगी.

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