नन से रेप केस में बिशप फ्रैंको की संलिप्तता, हलफनामे से खुलासा

केरल में नन के साथ रेप किए जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, आजतक/इंडिया टुडे के हाथ उस शपथ पत्र की कॉपी लगी है, जिसे वैकोम के डीएसपी ने केरल हाई कोर्ट में दाखिल करते हुए बताया कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने ही इस घटना को अंजाम दिया है.

वैकोम के डीएसपी के. सुभाष की ओर से हाई कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक अब तक की जांच और जमा किए गए साक्ष्यों के अनुसार पता चला है कि आरोपी बिशप फ्रैंको ने इस ही इस जुर्म को अंजाम दिया और कई वर्ष तक इच्छा के विरुद्ध जाकर बार-बार नन के साथ बलात्कार किया.

आरोपी ने जालंधर के बिशप के रूप में उनके प्रभाव का दुरुपयोग किया और सेंट फ्रुंकिस मिशन होम कुरविलंगद के गेस्ट हाउस में कमरा संख्या 20 में इस कृत्य को अंजाम दिया.

इस संबंध में 10 अगस्त 2018 को वैकोम के डीएसपी के. सुभाष ने हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था.

आरोपी बिशप फ्रैंको को गिरफ्तार करने की मांग

उधर, नन से रेप के मामले में आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है. पीड़ित नन ने अब वेटिकन सिटी में पोप के एंबेसडर को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है. इस पत्र में कहा गया है कि बिशप ने अपने पैसे और राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल इस केस को दबाने के लिए किया है, साथ ही पोप से इस मामले में तुरंत दखल की मांग की गई है.

नन ने 7 पेजों के अपने पत्र में कहा है कि बिशप मुलक्कल ने साल 2014 से 2016 के बीच उसका शारीरिक उत्पीड़न किया. साथ ही यह भी बताया कि वह किस-किस के पास मदद के लिए गई, लेकिन उसकी मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया. पीड़िता ने पोप से इस मामले में दखल देकर न्याय की गुहार लगाई है. वेटिकन सिटी के पोप दुनियाभर में सबसे बड़े ईसाई धर्मगुरू हैं.

बिशप को पद से हटाने की मांग

उधर, कार्डिनल ने देशभर की चर्च के अधिकारियों से बात कर फ्रैंको मुलक्कल को बिशप के पद से तुरंत हटाने की मांग की है ताकि निष्पक्ष रूप से इस मामले की जांच हो सके. बिशप को हटाने का फैसला भारत में वेटिकन के प्रतिनिधि पोप के क्षेत्राधिकार में आता है. ऐसे में उनसे भी मांग की गई है कि दोषी पाए जाने पर बिशप को स्थाई तौर पर हटाया जाए.

बिशप फ्रैंको मुलक्कल से पूछताछ

कोट्टायम के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल से जांच टीम ने एक बार फिर से पूछताछ की है. हालांकि पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के दबाव में आकर हम किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकते, लेकिन पीड़िता की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच चल रही है. किसी की गिरफ्तारी के लिए हमें पुख्ता सबूतों की जरूरत होती है, जबकि यह केस काफी पुराना है और सबूत जुटाने में वक्त लग सकता है.

बिशप ने सभी आरोपों को नकारा

इस बीच आरोपी बिशप ने नन के आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने 9 घंटे मुझसे पूछताछ की लेकिन नन बार-बार अपना बयान बदल रही हैं. अब पुलिस तय करेगी कि आखिर कौन सच बोल रहा है.

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