नमाज़ अदा करने को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं- खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों के खिलाफ हमला बोला है, उन्होंने कहा है कि रमजान के महीने में कुछ लोग मुस्लिमों के खुले में नमाज़ पढ़ने को मुद्दा बना रहे है और उसपर राजनीति खेल रहे है. उन्होंने कहा कि खुली जगह में मुसलमानों के नमाज अदा करने का मामला राजनीतिक नहीं सामाजिक है.हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों के खिलाफ हमला बोला है, उन्होंने कहा है कि रमजान के महीने में कुछ लोग मुस्लिमों के खुले में नमाज़ पढ़ने को मुद्दा बना रहे है और उसपर राजनीति खेल रहे है. उन्होंने कहा कि खुली जगह में मुसलमानों के नमाज अदा करने का मामला राजनीतिक नहीं सामाजिक है.    शनिवार को चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामाजिक मामला है, राजनीतिक नहीं, लेकिन कुछ लोग इसपर भी राजनीति खेलने से बाज़ नहीं आ रहे है. उन्होंने कहा कि किसी को भी धार्मिक भावनाएं आहत करने का हक नहीं है और ऐसे मामले शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए ही हल किया जा सकता है.’ उन्होंने कहा कि मुसलमानों की जनसँख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उनके धार्मिक स्थल घटे हैं, ऐसे में वे खुले में नमाज़ पढ़ने को विवश हैं, इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए.    आपको बता दें कि पिछले महीने गुरुग्राम के सेक्‍टर 53 में मुसलमानों के खुले में नमाज पढ़ने का कुछ लोगों ने विरोध किया था. यहां तक कि नमाज पढ़ रहे लोगों को धमकाकर वहां से हटा दिया गया था. नमाज पढ़ने को लेकर पैदा हुए विवाद पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इसे मस्जिद या ईदगाह में पढ़ना चाहिए न कि सार्वजनिक जगहों पर, हालांकि इसके बाद खट्टर ने अपना बयां वापिस लेते हुए कहा था कि अगर कोई नमाज़ में बाधा पहुंचता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.

शनिवार को चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामाजिक मामला है, राजनीतिक नहीं, लेकिन कुछ लोग इसपर भी राजनीति खेलने से बाज़ नहीं आ रहे है. उन्होंने कहा कि किसी को भी धार्मिक भावनाएं आहत करने का हक नहीं है और ऐसे मामले शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए ही हल किया जा सकता है.’ उन्होंने कहा कि मुसलमानों की जनसँख्या में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उनके धार्मिक स्थल घटे हैं, ऐसे में वे खुले में नमाज़ पढ़ने को विवश हैं, इसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

आपको बता दें कि पिछले महीने गुरुग्राम के सेक्‍टर 53 में मुसलमानों के खुले में नमाज पढ़ने का कुछ लोगों ने विरोध किया था. यहां तक कि नमाज पढ़ रहे लोगों को धमकाकर वहां से हटा दिया गया था. नमाज पढ़ने को लेकर पैदा हुए विवाद पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इसे मस्जिद या ईदगाह में पढ़ना चाहिए न कि सार्वजनिक जगहों पर, हालांकि इसके बाद खट्टर ने अपना बयां वापिस लेते हुए कहा था कि अगर कोई नमाज़ में बाधा पहुंचता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.

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