RSS ने खेला सियासत का मास्टर स्ट्रोक, एक झटके में होगा अल्पसंख्यकों का…

नई दिल्ली। भाजपा के महान धुरंधरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम भी शामिल हो गया है। हाल ही में बीते विधानसभा चुनावों के बाद जहां भाजपा की प्रचंड जीत से सभी विपक्षी एक सिरे से बौखलाए हुए हैं। वहीं भाजपा की सरकार न आने की कामना करने वालों की भी कमी नहीं है। इसी मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सच्चर कमेटी के प्रमुख सेवानिवृत्त जस्टिस राजेंद्र सच्चर का बयान बेहद ही चौंकाने वाला है। केंद्र के साथ, यूपी, गोवा, मनीपुर और उत्तराखंड पर काबिज होने को कुछ अलग ही रंग दिया जाने लगा है।

RSS ने खेला सियासत का मास्टर स्ट्रोक, एक झटके में होगा अल्पसंख्यकों का...

नरेंद्र मोदी महज चेहरा!

मामले पर रौशनी डालें तो राजेंद्र सच्चर ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में आशंका जतायी है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 2019 में भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करवाएगा।

कहा जाता है कि खामी निकालना कुछ लोगों की आदत होती है, लेकिन जब कोई खामी ही न मिले तो अफवाह फैलाने में क्या जाता है।

ऐसा ही कुछ राजेंद्र सच्चर की जुबान बोल गयी। अब यह महज बचपना नहीं तो और क्या है कि न्याय की डिग्री हासिल करने वाला अब खुद को भविष्य दर्शन का सम्राट समझे।

इतना ही नहीं उन्होंने तो मुसलमानों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का सीधा ताल्लुक भाजपा के माथे मढ़ दिया।

रेडिफ डॉट कॉम को दिए गए इस इंटरव्यू में जस्टिस सच्चर की जुबान बड़े ही खतरनाक ढंग से देश के पीएम को निशाना बनाने से भी नहीं चूकी तो प्रदेश के सीएम योगी जी की क्या बिसात है, आखिर उन्होंने तो अभी-अभी गद्दी संभाली है।

जस्टिस सच्चर ने कहा, “सबसे खतरनाक संकेत योगी आदित्य नाथ को यूपी का सीएम बनाया जाना है। ये आरएसएस की सोची-समझी योजना का हिस्सा है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि नरेंद्र मोदी केवल चेहरा हैं।”

जस्टिस सच्चर ने कहा, “आरएसएस तय कर चुका है कि 2019 में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद वो भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करवाएगा। मुझे लगता है कि विपक्षी पार्टियां इस खतरे को भांप नहीं पा रही हैं।”

जस्टिस सच्चर ने कहा कि 2019 के लोक सभा चुनाव से पहले योगी आदित्य नाथ को मुख्यमंत्री बनाने के संकेत को सावधानी से पढ़ना चाहिए। सच्चर ने कहा कि सारे हिंदुओं का आरएसएस से कोई लेना-देना नहीं। हिंदुओं की अलग-अलग संस्कृति, परंपरा और खान-पान की आदतें हैं। जस्टिस सच्चर के अनुसार आरएसएस उत्तर प्रदेश में मिली जीत के बाद पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है। 

इस मामले में जब उनसे पुछा गया कि आरएसएस भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करवाने की कोशिश करेगा तो इसके क्या परिणाम होंगे?

उत्तर देने के वक्त एक बार फिर से जस्टिस सच्चर ने अपनी दिव्य दृष्टि के माध्यम से पता लगा लिया कि इसका भविष्य में जबरदस्त विरोध होगा और करने वालों में हिन्दू भी शामिल होंगे। ये उसकी राह में सबसे बड़ी मुश्किल होगी।

उन्होंने कहा, “आज भले ही कम लोग इस बारे में खुलकर बोलते हों लेकिन बहुत से लोग हिंदू राष्ट्र नहीं चाहते।”

अपनी बातों को आगे बढाते हुए उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा का साझीदार अकाली दल भी इस मामले में उनका समर्थन नहीं करेगा।

साथ ही हिन्दू,मुस्लिम, सिख और इसाई भी इसका विरोध करेंगे। इसलिए विपक्षियों को वे यह सुझाव भी देते हैं कि यदि देश के इस आने वाली सबसे बड़े खतरे को जड़ से उखाड़ फेकना है तो सभी विपक्षियों को एकजुट हो जाना चाहिए।

अब इतने महत्वपूर्ण पड़ पर विराजित होने के बाद अब उन्हें यह तो समझाने की जरूरत नहीं कि लोकतंत्र में हिन्दू,मुस्लिम, सिख और इसाई सभी ने भाजपा को यह सम्मान दिया है। इससे पहले अन्य को भी यह मौक़ा मिला।

अब समान देने वालों का सम्मान अगर कोई न रख पाए तो उसका भविष्य तो विपक्षी भी जानते हैं ही और सत्ता संभालने वाले भी।

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