नवाज और मरियम को सोमवार तक रहना होगा जेल में

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम गिरफ्तार किए जा चुके हैं. उन्हें रावलपिंडी स्थित आदियाला जेल में रखा गया है. देश के इस प्रभावशाली परिवार को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में दोषी करार दिया गया है. पाकिस्तान में आम चुनाव होने में कुछ ही सप्ताह का समय बचा है और सवाल है कि अब इस मामले में आगे क्या होगा?पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम गिरफ्तार किए जा चुके हैं. उन्हें रावलपिंडी स्थित आदियाला जेल में रखा गया है. देश के इस प्रभावशाली परिवार को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामलों में से एक में दोषी करार दिया गया है. पाकिस्तान में आम चुनाव होने में कुछ ही सप्ताह का समय बचा है और सवाल है कि अब इस मामले में आगे क्या होगा?  क्या नवाज शरीफ को जमानत मिल पाएगी? बहरहाल, पाकिस्तान के कानूनी मामलों के जानकारों के मुताबिक नवाज शरीफ इस्लामाबाद में राष्ट्रीय जवादेही ब्यूरो (NAB) के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे. सुरक्षा कारणों को देखते हुए इस मामले पर सुनवाई जेल के भीतर हो सकती है.   यह भी पढ़ें- नवाज शरीफ की 'शहादत' PML-N को पाकिस्तान के आम चुनाव में दिलाएगी फायदा  मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हरीफ जवाबदेही कोर्ट के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे जिस पर उच्च न्यायालय फैसला करेगा कि अपील स्वीकार्य है या नहीं. यदि अपील स्वीकार की जाती है तो नवाज जमानत के लिए अपील दायर करेंगे. अगर जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा जाएगा.  क्या है प्रावधान  नवाज और मरियम शरीफ को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो अध्यादेख की धारा  32 के तहत हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं. पाकिस्तान में आम तौर पर अगर भ्रष्टाचार मामलों के दोषी सरेंडर नहीं करते हैं तो उनसे अपील करने का अधिकार छिन जाता है. दोषियों को किसी भी तरह की सुरक्षा अथवा सहूलियत तभी मुहैया कराई जाती जब वे निर्धारित तरीके से आत्म समर्पण करते हैं.  नवाज शरीफ को मिल पाएगी जमानत!  इस मामले में नवाज शरीफ और मरियम शरीफ को राहत मिल पाएगी? यह हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है जहां उच्च कोर्ट को यह जांच करनी होगी कि जवाबदेबी ब्यूरो के फैसले में कितना दम है. अगर फैसले में कोई खामी पाई जाती है तो इसके आधार पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट के सजा के फैसले को पलट सकता है.  गौरतलब है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ दोनों को गत 6 जुलाई को लंदन में चार आलीशान फ्लैटों की मिल्कियत से जुड़े एवेनफील्ड संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था. शरीफ (68) और उनकी बेटी मरियम (44) को एक जवाबदेही अदालत ने क्रमश: दस और सात साल की कैद की सजा सुनायी है. शरीफ का परिवार जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार के दो और मामलों अल अजीजिया स्टील मिल्स और फ्लैगशिप इंवेस्टमेंट्स का सामना कर रहा है. इसमें उन पर मनिलॉन्ड्रिंग, कर चोरी और विदेशों में सम्पत्ति छुपाने का आरोप है.

क्या नवाज शरीफ को जमानत मिल पाएगी? बहरहाल, पाकिस्तान के कानूनी मामलों के जानकारों के मुताबिक नवाज शरीफ इस्लामाबाद में राष्ट्रीय जवादेही ब्यूरो (NAB) के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे. सुरक्षा कारणों को देखते हुए इस मामले पर सुनवाई जेल के भीतर हो सकती है.

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि नवाज शरीफ के वकील ख्वाजा हरीफ जवाबदेही कोर्ट के फैसले के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे जिस पर उच्च न्यायालय फैसला करेगा कि अपील स्वीकार्य है या नहीं. यदि अपील स्वीकार की जाती है तो नवाज जमानत के लिए अपील दायर करेंगे. अगर जमानत नहीं मिलती है तो उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा जाएगा.

क्या है प्रावधान

नवाज और मरियम शरीफ को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो अध्यादेख की धारा  32 के तहत हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं. पाकिस्तान में आम तौर पर अगर भ्रष्टाचार मामलों के दोषी सरेंडर नहीं करते हैं तो उनसे अपील करने का अधिकार छिन जाता है. दोषियों को किसी भी तरह की सुरक्षा अथवा सहूलियत तभी मुहैया कराई जाती जब वे निर्धारित तरीके से आत्म समर्पण करते हैं.

नवाज शरीफ को मिल पाएगी जमानत!

इस मामले में नवाज शरीफ और मरियम शरीफ को राहत मिल पाएगी? यह हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है जहां उच्च कोर्ट को यह जांच करनी होगी कि जवाबदेबी ब्यूरो के फैसले में कितना दम है. अगर फैसले में कोई खामी पाई जाती है तो इसके आधार पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट के सजा के फैसले को पलट सकता है.

गौरतलब है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम शरीफ दोनों को गत 6 जुलाई को लंदन में चार आलीशान फ्लैटों की मिल्कियत से जुड़े एवेनफील्ड संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था. शरीफ (68) और उनकी बेटी मरियम (44) को एक जवाबदेही अदालत ने क्रमश: दस और सात साल की कैद की सजा सुनायी है. शरीफ का परिवार जवाबदेही अदालत में भ्रष्टाचार के दो और मामलों अल अजीजिया स्टील मिल्स और फ्लैगशिप इंवेस्टमेंट्स का सामना कर रहा है. इसमें उन पर मनिलॉन्ड्रिंग, कर चोरी और विदेशों में सम्पत्ति छुपाने का आरोप है.

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