निजी अस्पतालों की लापरवही देखकर CM केजरीवाल उठाएंगे ये बड़ा कदम

दिल्ली सरकार निजी अस्पतालों पर नकेल कसने के लिए लीगल फ्रेवमर्क तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ होने वाली लापरवाहियों व लूट-खसोट पर सरकार आंख मूंद नहीं सकती। इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।निजी अस्पतालों की लापरवही देखकर CM केजरीवाल उठाएंगे ये बड़ा कदम
मुख्यमंत्री केजरीवाल मंगलवार को मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस में आयोजित डेंटल हेल्थ मेले में बोल रहे थे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव अंशु प्रकाश, अस्पताल के निदेशक डॉक्टर महेश वर्मा समेत चिकित्सक मौजूद थे।

केजरीवाल ने कहा कि बीते दिनों दिल्ली को दहला देने वाली घटनाएं निजी अस्पतालों में हुई हैं। मसलन, एक अस्पताल में जिंदा नवजात को मृत बताकर परिजनों को सौंप दिया। एक अन्य अस्पताल में डेंगू के इलाज पर लाखों का बिल थमा दिया गया।

यह आम लोगों के साथ धोखा है। दिल्ली सरकार निजी अस्पतालों में हाने वाली इस तरह की आपराधिक लापरवाहियों से निपटने के लिए लीगल फ्रेमवर्क तैयार कर रही है। इससे निजी अस्पतालों पर नकेल कसी जा सकेगी। 

केजरीवाल ने इंस्टीट्यूट के 34 साल पूरे होने और अस्पताल के बीते 7 साल से नंबर वन बने रहने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व शिक्षा दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है। यही वजह है कि शिक्षा का बजट 100 फीसदी व स्वास्थ्य का 50 फीसदी बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि तीन साल पहले तक सभी सरकारी स्कूल, डिस्पेंसरी, अस्पताल सब को प्राइवेट करते जाने की हवा चल रही थी। लेकिन आप की सरकार ने साबित किया है कि सरकारी सिस्टम में बेहतर सेवाएं दी जा सकती हैं।

केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार का सपना है कि राजधानी में सार्वजनिक स्वास्थ्य व शिक्षा का ऐसा मॉडल तैयार किया जाए, जिसे देश में नहीं, दुनिया मे भी अपनाया जा सके।

​उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि निजी सेक्टर को बंद करना है। लेकिन सरकारी सिस्टम को इतना मजबूत किया जाएगा कि लोग खुद ही प्राइवेट छोड़कर सरकारी में आएं। 

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