निदहास ट्रॉफी: एक ‘नो बाल’ से शर्मसार हुआ ‘जेन्टलमैन्स गेम’

निदहास ट्रॉफी के अंतिम लीग मैच में कल जेन्टलमैन्स गेम कहा जाने वाला क्रिकेट एक बार फिर शर्मसार हो गया. कल श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच हुए टी 20 मैच में रोमांच के साथ-साथ तीखी नोक-झोंक भी देखने को मिली. मामला यहां तक बढ़ गया कि हाथ पाई तक नौबत आ पहुंची और  प्रेमदासा स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शक उस समय दंग रह गए, जब बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने अचानक अपने खिलाड़ियों को वापस पवेलियन बुला लिया, तब अंपायर को बीच में दखल देना पड़ा.निदहास ट्रॉफी: एक 'नो बाल' से शर्मसार हुआ 'जेन्टलमैन्स गेम'इतना महंगा पानी पीने के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं विराट कोहली

पहले बांग्लादेश के स्थानापन्न खिलाड़ी नुरुल हसन और श्रीलंकाई कप्तान थिसारा परेरा के बीच गहमागहमी हुई. फिर मैच खत्म होने के बाद कुसल मेंडिस और नुरुल हसन के बीच मारपीट होने से बची. दरअसल, बांग्लादेश को आखिरी ओवर में जीत के लिए 12 रन की दरकार थी. इसुरु उडाना ओवर करने आए और स्ट्राइक पर मुस्ताफिजुर रहमान थे. उडाना ने ओवर की पहली गेंद कंधें से ऊपर की बाउंसर डाली, तेज गेंदबाज ने अगली गेंद भी कंधें से ऊपर की बाउंसर डाली और सीधे कीपर के दस्ताने में पहुंची, जिस पर दूसरे छोर पर खड़े मोहमदुल्लाह स्ट्राइक पर आने के लिए रन दौड़ पड़े और इस दौड़ में  मुस्ताफिजुर रहमान  रन आउट हो गए. 

अंपायर्स ने इसे वाइड या नो बॉल करार नहीं दिया, जिस पर बांग्लादेशी टीम के खिलाड़ी काफी नाराज हुए. बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने विरोध भी किया, लेकिन अंपायर्स ने अपना फैसला नहीं बदला. इससे नाराज शाकिब अल हसन ने अपने बल्लेबाजों को पवेलियन वापस बुलाने का इशारा किया. करीब 5 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद पूर्व बांग्लादेशी क्रिकेटर खालिद महमूद ने समझदारी का परिचय देते हुए मामले को शांत किया. बांग्लादेशी खिलाड़ी मोहम्मदुल्लाह ने बताया कि, दोनों गेंदें कंधे से ऊपर थीं और फील्ड अंपायर ने नो-बॉल नहीं दिया. मैच खत्म होने पर शाकिब ने कहा कि कभी कभी इमोशन आप पर हावी हो जाते हैं, हालांकि उन्हें कप्तान रहते हुए इस पर ध्यान देना चाहिए. लेकिन आईसीसी बांग्लादेशी टीम और उसके कप्तान की इस हरकत को नजरअंदाज करे यह कहना मुश्किल ही है.

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