नीट का पेपर लीक करने के मामले में बिहार पुलिस ने पांच को किया गिरफ्तार!

बिहार: बिहार की राजधानी में नीट का पर्चा लीक करते रविवार को पांच गिरफ्तार किए गए हैं। इसमें दो एमबीबीएस दूसरे वर्ष के छात्र हैं। अन्य तीन सेंटर सुपरिटेंडेंट, वैन चालक और एक लॉ का छात्र है। पुलिस ने इन्हें तब गिरफ्तार किया, जब ये प्रश्न पत्र के पैकेट का सील तोड़कर पेपर बाहर भेजने की तैयारी कर रहे थे।

प्रश्न पत्र के सील पैकेट के साथ दोनों मेडिकल छात्र, वैन चालक और लॉ के छात्र को पत्रकार नगर इलाके से वैन से गिरफ्तार किया गया। पत्रकार नगर इलाके से गिरफ्तार होने वालों में पीएमसी द्वितीय वर्ष का छात्र शिव कुमार नगरनौसा, नालंदा एनएमसी एमबीबीएस द्वितीय वर्ष छात्र शिवम् मंडल खगौल अफसर कॉलोनी लॉ का छात्र अविनाश रौशन अकबरपुर नवादा लॉ का छात्र अविनाश रौशन अकबरपुर नवादाद्ध और वैन चालक संजय यादव नगरनौसा नालंदा शामिल हैं।

इन चारों की निशानदेही पर सेंटर सुपरिटेंडेंट क्राइस्ट चर्च स्कूल के कर्मी अविनाश चंद्र दूबे दीवान मोहल्ल तारनी प्रसाद लेन खाजेकलां को गिरफ्तार किया गया। शिव और शिवम इस गैंग को लीड कर रहे थे। दोनों की मदद क्राइस्ट चर्च स्कूल के कर्मी और सेंटर मैनेजर अविनाश ने की। रविवार की देर शाम एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इससे पहले कि यह गिरोह पर्चा लीक करता स्पेशल सेल ने उन्हें पकड़ लिया। गुरुवार की देर रात केंद्रीय विद्यालय कंकड़बाग में किस सेंटर का पर्चा कहां से मिलेगा इसकी जानकारी दी गई। क्राइस्ट चर्च के सेंटर मैनेजर अविनाश ने इसकी जानकारी सेटरों को दे दी।

मुख्य रूप से दोनों मेडिकल छात्र गैंग को लीड कर रहे थे। दोनों के अलावा लॉ का छात्र अविनाश एक बख्तरबंद गाड़ी को लेकर एग्जीबिशन रोड लवकुश टावर स्थित केनरा बैंक पहुंच गए। गाड़ी क्राइस्ट चर्च स्कूल के अविनाश दूबे को भेजनी थी लेकिन उससे सेटिंग कर मेडिकल छात्रों की गाड़ी प्रश्नपत्र लेने साढ़े छह बजे चली गई। इसके बाद सभी गाड़ी को लेकर पत्रकारनगर इलाके में गए। गाड़ी में प्रश्नपत्र के बक्से को तोडऩे से पहले ही स्पेशल सेल ने छापा मारा और चारों पकड़े गए। पूछताछ के दौरान दोनों मेडिकल छात्रों ने बताया कि क्राइस्ट चर्च स्कूल का अविनाश दूबे उनके साथ मिला हुआ है। अविनाश ने ही उन्हें सारी बातों की जानकारी दी। पुलिस तुरंत स्कूल पहुंची और अविनाश को बुलाया गया।

स्पेशल सेल ने जैसे ही उसे अपना परिचय दियाए अविनाश ने खुद से ही गुनाह कबूल कर लिया। सेटरों के पास से चार मोबाइल जिन पर ए ,बी, सी और डी लिखकर चिपकाया था पुलिस ने बरामद किए हैं। तैयारी यह थी कि प्रश्नपत्र रखे बक्से के कब्जे को पीछे से खोलकर पर्चा निकाल लिया जाता। इसके बाद प्रश्नपत्र के सेट को अलग-अलग ग्रुप जैसे ए सेट वालों का ए ग्रुप बना था पर भेज दिया जाता। प्रश्नपत्र भेजते ही दूसरी ओर आंसर बनाने वाले भी बैठे थे। तत्काल आंसर बनाकर उसे वापस मेडिकल छात्रों को भेजा जाता। फिर मेडिकल छात्र उसे अलग.अलग कैंडिडेट को भेज देते। ये गिरोह काफी बड़ा है। पटना पुलिस की विशेष टीम इसके पीछे लगी हुई है। जल्द ही और भी सेटर पकड़े जाएंगे।

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