नीतीश की BJP को चेतावनी, सांप्रदायिक सौहार्द के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं

रामनवमी के बाद बिहार के कई जिलों में हुए सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है और इशारों ही इशारों में भाजपा को चेताते हुए कहा है कि उन्हें सांप्रदायिक सौहार्द के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं है.नीतीश की BJP को चेतावनी, सांप्रदायिक सौहार्द के साथ समझौता बर्दाश्त नहींबिहार में शराबबंदी लागू होने की दूसरी वर्षगांठ पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द के माहौल को जहरीला बनाने की कोशिश कर रहे हैं, मगर उन्हें यह मंजूर नहीं है.

नीतीश कुमार ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित है. उन्हें किसी भी व्यक्ति को जेल में डालने में जरा भी वक्त नहीं लगेगा जो प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द के माहौल और कानून के राज के साथ छेड़छाड़ करेगा. नीतीश ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी कभी समझौता नहीं किया है और सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दे पर भी कभी समझौता नहीं करेंगे.

तेजस्वी पर साधा निशाना

नीतीश कुमार ने इशारों-इशारों में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर भी हमला बोला और कहा कि शराबबंदी को लेकर कुछ लोग गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है. मुख्यमंत्री ने इस बात को लेकर आपत्ति व्यक्त की कि तेजस्वी यादव और जीतन राम मांझी इस बात का प्रचार प्रसार कर रहे हैं कि शराबबंदी के कानून के उल्लंघन करने के जुर्म में बिहार के जेलों में एक लाख से ज्यादा लोग बंद हैं.

नीतीश ने इस बात को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई कि तेजस्वी यादव और जीतन राम मांझी इस बात का हो-हल्ला मचा रहे हैं कि जो 1 लाख लोग शराबबंदी कानून तोड़ने के लिए जेल में बंद हैं उनमें से ज्यादातर दलित समाज से आते हैं.

नीतीश ने कहा कि बिहार के सभी जेल को मिला दिया जाए तो भी एक लाख कैदियों को रखने की जगह नहीं है और ऐसे में तेजस्वी और जीतन राम मांझी के पेश किए हुए आंकड़े लोगों को भ्रमित कर रहे हैं.

नीतीश ने कहा कि इस वक्त बिहार की जेलों में शराबबंदी को लेकर केवल 8,123 लोग बंद हैं. शराबबंदी को लेकर जेल में सवर्ण जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जाति के लोग बंद हैं.

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