नेताओं से परेशान शिव ने नंदी को लिखा पत्र

आज कल सियासत में जिस तरह भगवान को घसीटा जा रहा है, उनके नाम पर झूठे वादे किये जा रहे हैं, राजनेता जिस तरह से भगवान का हवाला देकर अपनी बात कहते हैं, उसे देखकर तो ऐसा ही लगता है जैसे सपने में खुद भगवान आकर उन्हें भाषण लिखकर देते हैं. राजनेताओं की इन करतूतों से सबसे भोले भगवान महादेव भी परेशान हो गए हैं, और हो भी क्यों ना, इन राजनीतिज्ञों ने उनके आराध्य देव श्रीराम के नाम पर खूब सियासी रोटियां सेंकी है. इसलिए उन्होंने अपने गण नंदी को एक पत्र लिखा है इसी सन्दर्भ में, तो आइए जानते हैं क्या चाहते हैं देवों के देव महादेव…आज कल सियासत में जिस तरह भगवान को घसीटा जा रहा है, उनके नाम पर झूठे वादे किये जा रहे हैं, राजनेता जिस तरह से भगवान का हवाला देकर अपनी बात कहते हैं, उसे देखकर तो ऐसा ही लगता है जैसे सपने में खुद भगवान आकर उन्हें भाषण लिखकर देते हैं. राजनेताओं की इन करतूतों से सबसे भोले भगवान महादेव भी परेशान हो गए हैं, और हो भी क्यों ना, इन राजनीतिज्ञों ने उनके आराध्य देव श्रीराम के नाम पर खूब सियासी रोटियां सेंकी है. इसलिए उन्होंने अपने गण नंदी को एक पत्र लिखा है इसी सन्दर्भ में, तो आइए जानते हैं क्या चाहते हैं देवों के देव महादेव...  प्रिय नंदी...  हे नंदी तुम युगों से मेरे साथ हो, तुमने भी कई राजा महाराजा देखे, जिन्होंने तुम्हारे पास या मेरे पास आकर अपने उद्देश्यों की पूर्ति की मांग की, रावण भी उन्ही में से एक था. लेकिन एक बात आज के राजनेताओं में और उनमे भिन्न ये है कि पहले के राजा चाहे वे असुर थे, पर जबान के पक्के थे और आज के राजनेता कहते कुछ हैं करते कुछ हैं. अब  भारतवर्ष के मध्यप्रदेश को ही ले लो. यहाँ के राजा, जिसे लोग मुख्यमंत्री कहते हैं, वो मेरे हर घर पर आकर मुझसे राज्य कायम रखने का आशीर्वाद मांग रहा है. जबकि उसके राज्य की जनता उसके झूठे वादों से परेशान हो चुकी है. अन्नदाता उसके राज्य में आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोज़गार हैं, माताएं त्रस्त हैं,बालिकाएं सुरक्षित नहीं हैं  और तो और उसके राज्य में मेरे कई घर भी उजाड़े गए हैं. फिर भी वो मुझसे ही अखंड राज्य का वरदान चाहता है.    हे नंदी, तुम्हे तो पता ही है कि कुछ दिन पहले भाजपा के शत्रु दल का एक सेनापति कमलनाथ मेरे पास आया था और उसने भी मुझसे राज्य माँगा, मैं भी शिवराज के खिलाफ शिकायतें सुन-सुन कर उकता चुका हूँ. इसलिए मैंने कमलनाथ को ही आशीर्वाद दे दिया. कम से कम ये लोग मेरे आराध्य श्रीराम को तो बीच में नहीं लाते. जबकि भाजपा ने तो जैसे भगवानों पर कॉपीराइट कर लिया है, हमारे हवाले से ही लोगों को उलटे -सीधे ज्ञान देती रहती है और उन्हें आपस में लड़वाते रहती है. मेरी अल्लाह और जीसस से भी बात हुई है, हमारी तो अच्छी दोस्ती है, फिर भी ये लोग हमारे नाम पर लोगों को भड़काते हैं. हे नंदी ये कलियुग है, इसमें राजनीति अपने निम्नतर स्टार पर पहुँच गई है, इसलिए बेहतर यही होगा, के हम लोग इनके मामले में दखल ही ना दें, वरना ये राजनेता हमे भी बेघर कर देंगे और इसका इलज़ाम भी किसी और पर लगा देंगे.     इसलिए हे नंदी तुम इन राजनेताओं कि बातों में मत आओ, तुम बड़े भोले हो, इसलिए ये लोग पहले तुम्हारे पास आते हैं और अपनी फरियाद तुम्हारे कानों में डालते हैं और तुम उन्हें लेकर मेरे पास आ जाते हो. तुम ऐसा करो उन्हें उन्हें उनकी ही भाषा में आश्वासन देकर लौटा दिया करो और अगर कोई सच्चा या परेशान आदमी हो तो उसकी फरियाद मुझतक ले आना, ध्यान रखना राजनीति से दूर ही रहना और शिवराज से तो बहुत दूर...आज कल सियासत में जिस तरह भगवान को घसीटा जा रहा है, उनके नाम पर झूठे वादे किये जा रहे हैं, राजनेता जिस तरह से भगवान का हवाला देकर अपनी बात कहते हैं, उसे देखकर तो ऐसा ही लगता है जैसे सपने में खुद भगवान आकर उन्हें भाषण लिखकर देते हैं. राजनेताओं की इन करतूतों से सबसे भोले भगवान महादेव भी परेशान हो गए हैं, और हो भी क्यों ना, इन राजनीतिज्ञों ने उनके आराध्य देव श्रीराम के नाम पर खूब सियासी रोटियां सेंकी है. इसलिए उन्होंने अपने गण नंदी को एक पत्र लिखा है इसी सन्दर्भ में, तो आइए जानते हैं क्या चाहते हैं देवों के देव महादेव...  प्रिय नंदी...  हे नंदी तुम युगों से मेरे साथ हो, तुमने भी कई राजा महाराजा देखे, जिन्होंने तुम्हारे पास या मेरे पास आकर अपने उद्देश्यों की पूर्ति की मांग की, रावण भी उन्ही में से एक था. लेकिन एक बात आज के राजनेताओं में और उनमे भिन्न ये है कि पहले के राजा चाहे वे असुर थे, पर जबान के पक्के थे और आज के राजनेता कहते कुछ हैं करते कुछ हैं. अब  भारतवर्ष के मध्यप्रदेश को ही ले लो. यहाँ के राजा, जिसे लोग मुख्यमंत्री कहते हैं, वो मेरे हर घर पर आकर मुझसे राज्य कायम रखने का आशीर्वाद मांग रहा है. जबकि उसके राज्य की जनता उसके झूठे वादों से परेशान हो चुकी है. अन्नदाता उसके राज्य में आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोज़गार हैं, माताएं त्रस्त हैं,बालिकाएं सुरक्षित नहीं हैं  और तो और उसके राज्य में मेरे कई घर भी उजाड़े गए हैं. फिर भी वो मुझसे ही अखंड राज्य का वरदान चाहता है.    हे नंदी, तुम्हे तो पता ही है कि कुछ दिन पहले भाजपा के शत्रु दल का एक सेनापति कमलनाथ मेरे पास आया था और उसने भी मुझसे राज्य माँगा, मैं भी शिवराज के खिलाफ शिकायतें सुन-सुन कर उकता चुका हूँ. इसलिए मैंने कमलनाथ को ही आशीर्वाद दे दिया. कम से कम ये लोग मेरे आराध्य श्रीराम को तो बीच में नहीं लाते. जबकि भाजपा ने तो जैसे भगवानों पर कॉपीराइट कर लिया है, हमारे हवाले से ही लोगों को उलटे -सीधे ज्ञान देती रहती है और उन्हें आपस में लड़वाते रहती है. मेरी अल्लाह और जीसस से भी बात हुई है, हमारी तो अच्छी दोस्ती है, फिर भी ये लोग हमारे नाम पर लोगों को भड़काते हैं. हे नंदी ये कलियुग है, इसमें राजनीति अपने निम्नतर स्टार पर पहुँच गई है, इसलिए बेहतर यही होगा, के हम लोग इनके मामले में दखल ही ना दें, वरना ये राजनेता हमे भी बेघर कर देंगे और इसका इलज़ाम भी किसी और पर लगा देंगे.     इसलिए हे नंदी तुम इन राजनेताओं कि बातों में मत आओ, तुम बड़े भोले हो, इसलिए ये लोग पहले तुम्हारे पास आते हैं और अपनी फरियाद तुम्हारे कानों में डालते हैं और तुम उन्हें लेकर मेरे पास आ जाते हो. तुम ऐसा करो उन्हें उन्हें उनकी ही भाषा में आश्वासन देकर लौटा दिया करो और अगर कोई सच्चा या परेशान आदमी हो तो उसकी फरियाद मुझतक ले आना, ध्यान रखना राजनीति से दूर ही रहना और शिवराज से तो बहुत दूर...

प्रिय नंदी…

हे नंदी तुम युगों से मेरे साथ हो, तुमने भी कई राजा महाराजा देखे, जिन्होंने तुम्हारे पास या मेरे पास आकर अपने उद्देश्यों की पूर्ति की मांग की, रावण भी उन्ही में से एक था. लेकिन एक बात आज के राजनेताओं में और उनमे भिन्न ये है कि पहले के राजा चाहे वे असुर थे, पर जबान के पक्के थे और आज के राजनेता कहते कुछ हैं करते कुछ हैं. अब  भारतवर्ष के मध्यप्रदेश को ही ले लो. यहाँ के राजा, जिसे लोग मुख्यमंत्री कहते हैं, वो मेरे हर घर पर आकर मुझसे राज्य कायम रखने का आशीर्वाद मांग रहा है. जबकि उसके राज्य की जनता उसके झूठे वादों से परेशान हो चुकी है. अन्नदाता उसके राज्य में आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोज़गार हैं, माताएं त्रस्त हैं,बालिकाएं सुरक्षित नहीं हैं  और तो और उसके राज्य में मेरे कई घर भी उजाड़े गए हैं. फिर भी वो मुझसे ही अखंड राज्य का वरदान चाहता है.

हे नंदी, तुम्हे तो पता ही है कि कुछ दिन पहले भाजपा के शत्रु दल का एक सेनापति कमलनाथ मेरे पास आया था और उसने भी मुझसे राज्य माँगा, मैं भी शिवराज के खिलाफ शिकायतें सुन-सुन कर उकता चुका हूँ. इसलिए मैंने कमलनाथ को ही आशीर्वाद दे दिया. कम से कम ये लोग मेरे आराध्य श्रीराम को तो बीच में नहीं लाते. जबकि भाजपा ने तो जैसे भगवानों पर कॉपीराइट कर लिया है, हमारे हवाले से ही लोगों को उलटे -सीधे ज्ञान देती रहती है और उन्हें आपस में लड़वाते रहती है. मेरी अल्लाह और जीसस से भी बात हुई है, हमारी तो अच्छी दोस्ती है, फिर भी ये लोग हमारे नाम पर लोगों को भड़काते हैं. हे नंदी ये कलियुग है, इसमें राजनीति अपने निम्नतर स्टार पर पहुँच गई है, इसलिए बेहतर यही होगा, के हम लोग इनके मामले में दखल ही ना दें, वरना ये राजनेता हमे भी बेघर कर देंगे और इसका इलज़ाम भी किसी और पर लगा देंगे. 

इसलिए हे नंदी तुम इन राजनेताओं कि बातों में मत आओ, तुम बड़े भोले हो, इसलिए ये लोग पहले तुम्हारे पास आते हैं और अपनी फरियाद तुम्हारे कानों में डालते हैं और तुम उन्हें लेकर मेरे पास आ जाते हो. तुम ऐसा करो उन्हें उन्हें उनकी ही भाषा में आश्वासन देकर लौटा दिया करो और अगर कोई सच्चा या परेशान आदमी हो तो उसकी फरियाद मुझतक ले आना, ध्यान रखना राजनीति से दूर ही रहना और शिवराज से तो बहुत दूर…

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