नोटबंदी : आयकर विभाग के मैसेज फिर उड़ा रहे नींद

नोटबंदी के दौरान खातों में जमा की गई बैंक राशि का विवरण एक बार फिर आयकरदाताओं को परेशान कर रहा है। पैन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबरों पर अब आयकर विभाग के एसएमएस पहुंच रहे हैं। एसएमएस में आयकरदाता को पैन कार्ड से संबोधित करते हुए कहा जा रहा है कि यह सुनिश्चित करें कि नोटबंदी के दौरान जमा नकदी पूर्ण और सही रूप से घोषित की गई है।नोटबंदी के दौरान खातों में जमा की गई बैंक राशि का विवरण एक बार फिर आयकरदाताओं को परेशान कर रहा है। पैन कार्ड से लिंक मोबाइल नंबरों पर योगी के फोन टेस्ट में फेल हुए 26 जिले के डीएम, निर्देश के बावजूद दफ्तर से रहे गायब…

शहर के ऐसे तमाम आयकरदाताओं के मोबाइल पर विभाग के ये एसएमएस पहुंचे हैं जिन्हें विमुद्रीकरण के बाद भी ई-मेल या अन्य जरियों से आयकर के नोटिस मिल चुके थे। एसएमएस पाने वालों में तमाम प्रोफेशनल्स से लेकर व्यापारी भी शामिल हैं। इन लोगों के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में मिले नोटिस के जवाब के साथ ही बीते रिटर्न में दिए अलग से कॉलम में भी जमा नकदी की घोषणा की गई थी।

इसके बावजूद अब आयकर विभाग फिर से ऐसे एसएमएस भेज रहा है। नाम न छापने के अनुरोध पर एक व्यापारी ने बताया कि आयकर विभाग के ये एसएमएस भी अचानक आधी रात के बाद आ रहे हैं। लग रहा है विभाग जानबूझकर करदाताओं को डराना चाह रहा है जबकि वह नकदी घोषणा की पूरी प्रक्रिया पहले ही करवा चुका है।

संयुक्त खाते वाले भी परेशान

बैंकों में संयुक्त नामों से खाता रखने वालों को भी विमुद्रीकरण के दौर का जमा परेशान कर रहा है। सीए जेपी सर्राफ के मुताबिक कई घरों में पति-पत्नी या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से बैंक में संयुक्त खाते रखे जाते हैं। घर की महिला सदस्य या आश्रित ने ऐसे संयुक्त खाते में पैसा जमा करवाया तो भी वह उस घर के कमाने वाले आयकरदाता के हिसाब में जुड़ रहा है।

इसके बाद ऐसे खाते में जमा राशि के आधार पर भी उसे नोटिस मिल रहा है। ऐसे में कई लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसे मामलों में सलाह दी जा रही है कि आयकर रिटर्न के फॉर्म में नोटबंदी के दौरान जमा का जो कॉलम दिया गया है, उसके सामने रिमार्क का भी एक कॉलम है। रिटर्न के कॉलम में नकदी का ब्योरा लिखने के बाद रिमार्क वाले कॉलम में संयुक्त खातेदारी आदि का ब्योरा अंकित किया जाए।

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