नोटबंदी के चक्कर में फंस गई ‘भगवान’ की भी शादी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले से आम आदमी तो परेशान है ही, लेकिन भगवान भी इसकी चपेट में आ गए हैं। इस नोटबंदी के चलते उनकी अपनी शादी खतरे में पड़ गई है।

नोटबंदी के चक्कर में फंस गई 'भगवान' की भी शादी
 
और तो और बैंक के अफसरों और जिले के कलेक्टर ने भी कह दिया है कि वे भगवान की मदद नहीं कर सकते। उधर भक्तों को समझ में नहीं आ रहा कि अब वे क्या करें ?
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के नामली कस्बे का है। वहां का कुमावत समाज हर साल भगवान विष्णु (चारभुजानाथ) और तुलसी माता का विवाह आयोजित कराता है। इस विवाह में पूरा कस्बा शामिल होता है। भगवान बारात लेकर आते हैं। बारात पूरे कस्बे में घूमती है। बाद में उनकी शादी का भोज होता है। जिसमें पूरे कस्बे के लोग शानदार मालवी भोजन का आनंद लेते हैं। यह परंपरा बरसों से चली आ रही है, लेकिन इस बार खतरे में है।
कुमावत समाज का खाता जिस बैंक में है, उसने समाज को शादी के लिए पैसा देने से इनकार कर दिया है। मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक में कुमावत समाज के 5 लाख 35 हजार रुपये जमा हैं। समाज के कर्ताधर्ता बाकायदा शादी का कार्ड छपवाकर और उसे अपने साथ लेकर बैंक पहुंचे।
उन्होंने 2 लाख रुपये निकालने के लिए चेक दिया, लेकिन बैंक के मैनेजर ने यह कह कर हाथ खड़े कर दिए कि सरकार ने शादी के लिये ढाई लाख रुपये निकालने की अनुमति तो दी है, लेकिन शर्त यह है कि यह रुपया दूल्हा या दुल्हन के मां-बाप के खाते से ही निकाला जा सकता है।
 
किसी संस्था या व्यक्ति के खाते से नहीं निकाला जा सकता। इसपर कुमावत समाज के मुखिया राधेश्याम लाड समाज के कुछ लोगों को लेकर रतलाम के कलेक्टर से मिले। वे ग्रामीण बैंक की लीड बैंक के मैनेजर के. के. सक्सेना से भी मिले, लेकिन कोई भी मदद करने को तैयार नहीं हुआ।
नाराज लोग अब आंदोलन का सहारा लेने की सोच रहे हैं। उनका कहना है कि अब वे भगवान विष्णु और तुलसी माता के मां-बाप कहां से लाएं। कुमावत समाज से जुड़े लोग कह रहे हैं कि हर साल यह आयोजन होता है। हम इस आयोजन के जरिये समाज को जागरूक और जोड़ने का काम करते हैं। सब लोग साथ बैठ कर खाना खाते हैं। सब मिलजुल कर खर्च उठाते हैं। इस बार नकदी का संकट है। इसलिए ज्यादा पैसा इकट्ठा नही हो पाया।

चाचा के जाते ही शुरू हो गए चाची भतीजा लेकिन दरवाजा बंद करना भूल गए और…

बड़े काम के पैसे तो चेक से दे देंगे, लेकिन अन्य खर्चों के लिये आखिर पैसा कहां से आएगा। उधर लीड बैंक के मैनेजर ने इस मामले में रिजर्व बैंक से दिशा निर्देश लेने की बात कही हैं। देखते हैं कि बैंक सोमवार को क्या कदम उठाता हैं। फिलहाल भगवान की शादी खतरे में हैं।

 .
 

You May Also Like

English News