पढि़ए एक नाबालिग लड़की की ऐसी दास्तान, जिसे सुन पुलिस वालों की आंख भर आई

लखनऊ : गरीबी इंसान को किस हद तक मजबूर कर सकती है, इस बात को अंदाजा शायद ही कोई लगा सकता है। मंगलवार की दोपहर सआदतगंज कोतवाली पहुंची एक किशोरी ने अपनी गरीबी और मजबूरी की एक ऐसी दास्तान पुलिस को सुनाई की खुद पुलिस वालों की आंख भर आयी। किशोरी नेक पुलिस को बताया कि उसका होने वाला जीजा उसपर गलत नज़र रखता है और 19 फरवरी को उसने उसके साथ छेडख़ानी की। परिवार के लोग होने वाले जीजा के खिलाफ कुछ बोल इसलिए नहीं चाहते हैं कि क्योंकि वह ही घर का खर्च उठाता है। किशोरी ने बताया कि वह इतना परेशान हो चुकी है कि अब उसके पास आत्महत्या करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। कोतवाली प्रभारी सआदतगंज ने किसी तरह किशोरी को समझा बुझा कर कुछ हिम्मत बंधाई। इसके बाद किशोरी को एक एनजीओ के हवाले कर दिया, क्योंकि वह घर नहीं जाना चाहती है।


सआदतगंज इलाके में एक किशोरी अपने मां-बाप और बड़ी बहन के साथ रहती है। किशोरी की बड़ी बहन की शादी एक युवक से तय हुई है। उक्त युवक ही किशोरी के घर का खर्च चलता है। किशोरी ने बताया कि बीते 19 फरवरी को उसका होने वाला जीजा के पास आया और बिस्तर पर बगल में लेट कर अश्लील हरकत और छेडख़ानी करने लगा। किशोरी ने इस बात का विरोध किया और परिवार वालों को बताया। गरीबी की जंजीर मेें जकड़े परिवार वालों ने किशोरी को चुप करा दिया क्योंकि उसका होने वाला जीजा ही परिवार का खर्च उठा रहा है। किशोरी होने वाले जीजा की हरकत से इतना आहत हुई कि वह शिकायत लेकर सीधे सआदतगंज कोतवाली पहुंच गयी।

कोतवाली में मौजूद प्रभारी समर बहादूर से मिलते ही किशोरी ने बताया कि वह आत्महत्या करना चाहती है। 13 से 14 साल की किशोरी की मुंह से आत्महत्या की बात सुन कर कोतवाली प्रभारी भी सन्न रहे गये। उन्होंने किशोरी से अपनी पूरी बात बताने के लिए कहा। इसके बाद किशोरी ने अपनी गरीबी और मजबूरी की ऐसी दास्तान उनको बतायी कि कोतवाली प्रभारी की भी आंख भर आई। सबसे पहले उन्होंने किशोरी को हिम्मत से काम लेने और कोई भी गलत कदम न उठाने की बात कही। कुछ महिला सिपाहियों को बुलाकर उन्होंने किशोरी की काउंसलिंग करायी। कुछ देर के बाद किशोरी किसी तरह सामान्य हुई।

इसके बाद उसने बताया कि वह अब वापस अपने घर नहीं जाना चाहती है, क्योंकि अगर वह वापस घर गयी तो उसके साथ होने वाला जीजा कुछ गलत कर सकेता है, वहीं दूसरी तरफ किशोरी को इस बात का भी डर था कि अगर उसने आवाज उठाई तो उसके परिवार वालों के आगे रोटी के लाले पड़े जाएगें। कोतवाली प्रभारी समर बहादुर यादव ने किशोरी की मां को कोतवाली बुलवाया। किशोरी की मां ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है, पर किशोरी किसी भी हाल में घर वापस नहीं जाना चाहती थी।
किशोरी की शिकायत पर दर्ज की गयी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले किशोरी की शिकायत पर पुलिस ने उसके होने वाले जीजा के खिलाफ छेडख़ानी की रिपोर्ट दर्ज की। किशोरी ने बताया कि वह आगे पढ़ाई करना चाहती है पर उसके घरवालों के पास इतना पैसा नहीं है कि वह उसको पढ़ा सकें। इसके बाद कोतवाली प्रभारी ने आशियाना इलाके में स्थित एक एनजीओ से सम्पर्क किया। एनजीओ के लोग सूचना पाकर सआदतगंज कोतवाली पहुंच गये। उन लोगों ने भी किशोरी की सारी बात सुनी। इसके बाद पुलिस ने किशोरी की मां की सहमती के बाद किशोरी को एनजीओ के साथ भेज दिया। सआदतगंज कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अब इस मामले में किशोरी का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया जायेगा और फिर उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।

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