पति को वश में करने की दवाई लेने गई और खुद ही खो बैठी होश

ग्वालियर। बारात के दरवाजे पर पहुंचते ही दहेज न दिखने पर दूल्हे ने लड़की के पिता से अभद्रता कर दी। वह बुलट और एक लाख रुपए तत्काल लाने पर अड़ गया। दुल्हन के पिता ने कई बार समझाया, माफी मांगी, लेकिन दूल्हे के परिजन सुनने को तैयार नहीं थे। यह बात जब शादी के जोड़े में तैयार बैठी दीप्ति को पता लगी तो उसने खुद पिता से दहेज लोभी दूल्हे के साथ शादी करने से इनकार कर दिया।

बारात के दरवाजे पर पहुंचते ही दहेज

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इसके बाद जब यह बात लड़के और उसके परिजन को लगी तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। बारातियों ने शादी के पंडाल में उपद्रव मचा दिया। उन्होंने महिलाओं और बच्चाें को भी नहीं छोड़ा। उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। छाती पर लात लगने से एक पांच साल का बच्चा भी घायल हो गया। जब मारपीट का विरोध किया तो हमलावरों ने फिल्मी स्टाइल में एक हाथ में दो-दो कट्टे लेकर फायरिंग की।

जहां होने थे फेरे, वहां चलीं कुर्सियां

रविवार रात शिंदे की छावनी स्थित हॉकर जोन में टेंट लगा था। यहां दौलतगंज निवासी चन्द्रशेखर चंदोरिया की छोटी बेटी दीप्ति की शादी होनी थी। पूरे परिवार में खुशियां थीं, पर रात में स्थिति ऐसी बनी कि जहां दीप्ति को जीवन साथी के साथ फेरे लेने थे, वहां गोलियां चल रही थीं। घराती और बराती एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंक रहे थे।

सेना में जवान फिर भी ऐसी हरकत

दुल्हन के जीजा संदीप उमरैया ने बताया कि दुल्हा दीपक शाक्य निवासी मगरौनी खुद सेना में जवान है। उसका बड़ा भाई गोविंद भी सेना में है। उनके पिता बाबूलाल शाक्य रिटायर्ड मास्टर हैं। इसके बाद भी उनके द्वारा इस तरह की हरकत अशोभनीय है। उन्हें दहेज की इतनी लालसा थी कि जिसकी कोई सीमा नहीं। पहले दिन से ही इन्होंने कुछ न कुछ मांगना शुरू कर दिया था, लेकिन तब अंदाजा नहीं था कि इनकी दहेज की भूख शांत ही नहीं होगी।

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गोलियों की आवाज से गूंजा इलाका

मगरौनी से बारात शाम को आ गई थी। रात 9 से 10 बजे का बैंड का। इसके बाद भी बारात समय पर नहीं पहुंची। रात 12.30 बजे बारात दरवाजे पर पहुंची। तब तक फेरों का समय आ गया था। इसके बाद दहेज को लेकर हुए विवाद में बारातियों ने गोलियां चलार्इं। करीब 30 मिनट तक रुक रुककर दूल्हा, उसका भाई व बाराती कट्टों, लाइसेंसी राइफलों से फायरिंग करते रहे। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। सूचना मिलते ही डायल 100 और फिर थाने का फोर्स पहुंचा।

ऐसे लड़के से मैं क्या कोई लड़की शादी नहीं करेगी

दीपक जैसे लड़के से मैं तो क्या कोई भी लड़की शादी करना नहीं चाहेगी। जो किसी के मां-पिता का इज्जत करना नहीं जानता है। मन में दहेज की मांग कूट-कूटकर भरी है, ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ता जोड़ना खुद आग में कूदने जैसा है। मैंने जो फैसला लिया, उसमें पूरा परिवार मेरे साथ है।

 

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