‘पद्मावती’ का गाना ‘घूमर’ में दीपिका की ये बड़ी गलतियां, इन हीरोइनों से भी खराब रहा डांस

हाल ही में निर्देशक संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म ‘पद्मावती’ का गाना ‘घूमर’ रिलीज हुअा है. यू-ट्यूब पर भले ही काफी लोग इसे पसंद कर रहे हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि यह असली राजस्थानी डांस घूमर से बिल्कुल अलग है. आइए देखते हैं असली घूमर कैसे होता है और दीपिका के घूमर वर्जन में क्या क्या गलतियां है…'पद्मावती' का गाना 'घूमर' में दीपिका की ये बड़ी गलतियां, इन हीरोइनों से भी खराब रहा डांस
 दीपिका ने ‘पद्मावती’ में पहेना 30 लाख का लहंगा, 400 किलो सोने की बनीं ज्वैलरी

इससे पहले भी कई बार बॉलीवुड फिल्मों में घूमर किया गया है, जो कि इस घूमर से बेहतर है. दीपिका से पहले अभिनेत्री रेखा और करिश्मा स्टारर फिल्म जुबैदा में घूमर डांस किया गया था, जिसे जानकार ठीक मानते हैं. इसमें करिश्मा शानदार घूूमर मूव्स करती दिखीं थीं. इस फिल्म की शूटिंग राजस्थान के जयपुर में हुई थी.
 

अगर दीपिका के डांस की बात करें तो इस गाने में घूमर नृत्य का स्टाइल नहीं है. राजस्थान के घूमर डांस को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली वीणा म्यूजिक के केसी मालू का कहना है कि यह असली डांस से बिल्कुल अलग है.
 

जहां राजस्थान में घूमर शब्द को इज्जत और तहजीब से बोला जाता हैं, वहां इस गाने में घूमर को घूमरड़ी कहा गया है, जिसे घूमर के जानकार गलत बता रहे हैं.
 

घूमर में सिर्फ महिलाओं का श्रृंगार ही नहीं होता, बल्कि इसमें अंगों की लचक, आंखों की भिवंगना, नृत्य के प्रति प्यार और ओढ़णी के पल्ले को पकड़ने का तरीका भी है. जो इस डांस से पूरी तरह से गायब है.
 

फिल्म पद्मावती की घूमर में पुरुष की आवाज है, जबकि घूमर महिलाओं के लिए ही है जिसमें नृत्य भी महिलाएं ही करती है और इसे गाती भी मह‍िलाएं ही हैं.
 

गाने में सिर्फ महंगा सेट, दीपिका की ड्रेस आदि दिखाने की कोशिश की गई है, जबकि घूमर की सबसे अहम  चीज जो कि लचक है वो गायब है.
 

राजस्थानी लोक संगीत के जानकार केसी मालू का कहना है कि पद्मावती की घूमर में जिस तरह से डांस किया गया है, जो ना घूमर है, ना कालबेलिया है और ना ही चरी है.
 

गाने में हाथ में दीपक लिए महिलाएं दिख रही हैं, इस तरह के या किसी भी तरह के करतब घूमर नाच का हिस्सा नहीं होते.
 

बता दें कि घूमर उदयपुर, मारवाड़, जयुपर में थोड़ी अलग तरह से किया जाता है, लेकिन उसमें ज्यादा फर्क नहीं है. अमूमन ओढ़नी को पकड़ने का तरीका बदल जाता है.
 

कई देशों में घूमर सिखाने के लिए मशहूर रुप सिंह शेखावत का कहना है कि फिल्म में जहां महारानी पद्मिनी को चित्तौड़ की बताया गया है, वहां घूमर का जिक्र नहीं है और अगर घूमर किया भी जाता है तो उदयपुर की तरह हाथ में डंडे लेकर घूमर किया जाता है, जो कि गुजरात के डांडिया डांस जैसा होता है.
 

गौरतलब है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती जल्द ही सिनेमाघरों में आने वाली है, जिसमें राजस्थान के चितौड़ की महारानी पद्मिनी की कहानी दिखाई जाने की कोशिश की गई है. बता दें कि फिल्म में तथ्यों को लेकर पहले भी बवाल हो चुका है.
loading...

You May Also Like

English News