पलभर में भिखारी बन गया लाखों का मालिक, इस तरह से खुला उसकी किस्मत का ताला

शायद आपको सुनकर यकीन न हो, लेकिन यह सच है कि एक भिखारी पलभर में लखपति बन गया। आगे जानिए कैसे हुआ ये सब…पलभर में भिखारी बन गया लाखों का मालिक, इस तरह से खुला उसकी किस्मत का ताला14 नवंबर से शुरू हो रहा ट्रेड फेयर, टिकट के दाम 20 रुपये बढ़े

शहर में एक बड़ा ही अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पिता की गैर मौजूदगी में बेटे ने एक गद्दा भिखारी को दे दिया। इसके बाद जब पिता को यह बात पता लगी तो उन्होंने उसमें रखी गई रकम के बारे में बताया। यह सुनते ही पूरा परिवार सदमे में आ गया।

कनखल के दरिद्र भंजन मंदिर के बाहर बैठे भिखारी को दे दिया। बताया जाता है कि गद्दे के अंदर 40 लाख रुपये रखे थे।  जब पिता लौटा तो माथा पकड़ लिया। पिता-पुत्र मिलकर तीन दिन से पूरे शहर में गददे ले गए भिखारी की खोज जारी है।

घर पर गद्दा न देख सदमे में आए पिता 

पिता-पुत्र ने पुलिस का दरवाजा नहीं खटखटाया। यह मामला कनखल में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला तीन दिन पहले का है। शिवालिक नगर से एक युवक श्मशान घाट के पास दरिंद्र भंजन पहुंचा। मंदिर के बाहर बैठे एक भिखारी को युवक ने गद्दा दे दिया।

भिखारी ने मना भी किया, लेकिन युवक नहीं माना। आखिर में वह गद्दा लेकर चला गया। शाम के वक्त जब युवक का पिता घर पहुंचा तो गददे को न पाकर हक्का बक्का रह गया। पिता ने जब पुत्र से पूछा तो उसने  गददे के खराब होने के चलते उसे भिखारी को दे देने की बात कही। पिता ने बेटे को बताया कि उस गददे में चालीस लाख की रकम रखी थी।

भिखारी को जबरदस्ती दिया गद्दा 

इसके बाद दोनों दौड़े-दौड़े सीधे मंदिर पहुंचे। उन्हें वह भिखारी तो मिला गया, लेकिन भिखारी ने कहा कि गद्दा उसने एक अन्य भिखारी को दे दिया था। क्योंकि उसे जरूरत नहीं थी।
भिखारी ने इतना ही बताया कि वह भिखारी हरकी पैड़ी क्षेत्र से आता था, उसे बस इतना ही पता है।

पिता पुत्र तब से अब तक पूरे शहर में भिखारी को अपने साथ लेकर गद्दा ले जाने वाले भिखारी को खोज रहे हैं। लेकिन अब तक उसका अता पता नहीं चल सका है। ये मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एसओ कनखल अनुज सिंह ने बताया कि उनके पास इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है।

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