पहले बाप, फिर बेटा-बहू फंसे इस ‘दरिंदे’ के चंगुल में, और तबाह हो गया परिवार

पंजाब में नशे से बर्बाद हुए परिवारों और युवाओं की दास्‍तां रूह कंपा देती है। कपूरथला शहर से चार किलोमीटर की दूरी पर बसे एक गांव में एक युवक ने पिता को चिट्टे (हेरोइन) का नशा करता देखा तो खुद भी इसकी चंगुल में फंस गया। एक दिन पत्‍नी ने हेरोइन का नशा करते देख लिया तो उसे भी इसकी लत लगा दी। हालत यह हो गई कि पिता की नशे से मौत हो गई। जमीन, बाइक, कंबाइन और घर का सामान बिक गया। फिर भी लत न छूटी। मां ने घर से निकाल दिया तो पत्‍नी के साथ अब अस्‍पताल में भर्ती है।पंजाब में नशे से बर्बाद हुए परिवारों और युवाओं की दास्‍तां रूह कंपा देती है। कपूरथला शहर से चार किलोमीटर की दूरी पर बसे एक गांव में एक युवक ने पिता को चिट्टे (हेरोइन) का नशा करता देखा तो खुद भी इसकी चंगुल में फंस गया। एक दिन पत्‍नी ने हेरोइन का नशा करते देख लिया तो उसे भी इसकी लत लगा दी। हालत यह हो गई कि पिता की नशे से मौत हो गई। जमीन, बाइक, कंबाइन और घर का सामान बिक गया। फिर भी लत न छूटी। मां ने घर से निकाल दिया तो पत्‍नी के साथ अब अस्‍पताल में भर्ती है।   युवक ने बताया, उसके किसान पिता मेवा सिंह (काल्पनिक नाम) के घर में एक समय हर तरह की सुख सुविधा थी। मेवा सिंह कंबाइन चलाता था और उसकी खेती-बाड़ी की अच्‍छी खासी जमीन भी थी। चार वर्ष पहले मेवा सिंह मालवा क्षेत्र में कंबाइन से गेहूं की कटाई लिए गया तो वापिस आते समय चिट्टे की सौगात ले आया।  यह भी पढ़ें: नशा तस्करी पर होगी मौत की सजा, पंजाब कैबिनेट में प्रस्‍ताव पास, केंद्र को भेजा  –– ADVERTISEMENT ––     दो पाकिस्तानी युवकों ने डेढ़ माह में तस्करों तक पहुंचाई 21 किलो हेरोइन यह भी पढ़ें    युवक ने बताया कि वापिस आकर पिता हेरोइन (चिट्टा) का आदी बन गया। घर की कमाई नशे की भेंट चढ़ने लगी। मेवा सिंह आठ एकड़ जमीन का बड़े भाई के साथ बंटवारा हो गया। बाकी बची जमीन में से ढाई एकड़ जमीन गिरवी रख कर मेवा सिंह चिट्टे का नशा करता रहा। बाप को देख बेटे ने भी नशे की राह पकड़ ली। दोनों बाप-बेटे ने नशे की ऐसी राह

युवक ने बताया, उसके किसान पिता मेवा सिंह (काल्पनिक नाम) के घर में एक समय हर तरह की सुख सुविधा थी। मेवा सिंह कंबाइन चलाता था और उसकी खेती-बाड़ी की अच्‍छी खासी जमीन भी थी। चार वर्ष पहले मेवा सिंह मालवा क्षेत्र में कंबाइन से गेहूं की कटाई लिए गया तो वापिस आते समय चिट्टे की सौगात ले आया।

 

 

युवक ने बताया कि वापिस आकर पिता हेरोइन (चिट्टा) का आदी बन गया। घर की कमाई नशे की भेंट चढ़ने लगी। मेवा सिंह आठ एकड़ जमीन का बड़े भाई के साथ बंटवारा हो गया। बाकी बची जमीन में से ढाई एकड़ जमीन गिरवी रख कर मेवा सिंह चिट्टे का नशा करता रहा। बाप को देख बेटे ने भी नशे की राह पकड़ ली। दोनों बाप-बेटे ने नशे की ऐसी राह

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